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जीत कर भी कहीं 'हार' तो नहीं जाएंगे राव इंद्रजीत सिंह

Fri, 16 May 2014 08:52 PM IST
Updated Fri, 16 May 2014 08:52 PM IST
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rao indarjit singh wants to be cm of Haryana

हरियाणा में भाजपा को मिली बड़ी सफलता राव इंद्रजीत सिंह के सियासी मंसूबे बिगाड़ सकती है। चुनाव पूर्व कयास था कि लोकसभा चुनाव जीतने के बाद राव साहब अपने पिता की तरह प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने की योजना पर अमल शुरू कर देंगे, जबकि चुनाव परिणाम आने के बाद मुख्यमंत्री पद की दावेदारी बेहद कड़ी हो गई है।

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लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा की हरियाणा में कुछ बेहतर स्थिति नहीं मानी जा रही थी। कांग्रेस से नाराज राव इंद्रजीत सिंह को भाजपा में इसलिए शामिल किया गया कि इनके व्यक्गित रसूख से दक्षिण हरियाणा में पार्टी को बल मिलेगा।
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इस क्षेत्र में राव इंद्रजीत सिंह और इनके परिवार की खासी सियासी दखल रही है। जिाका इस साल सूबे में होने वाले विधानसभा चुनावों में लाभ उठाया जा सकता है।

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कांग्रेस को छोड़ बीजेपी में शामिल हुए थे राव

rao indarjit singh wants to be cm of Haryana

राव इंद्रजीत सिंह ने इस आरोप के साथ कांग्रेस का साथ छोड़ा था कि प्रदेश की मौजूदा सरकार दक्षिण हरियाणा की उपेक्षा कर रही है। नौकरी और विकास योजनाओं से इसे दूर रखकर, इसका अधिकांश लाभ मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गृह जिले को पहुंचाया जा रहा है।

राव इंद्रजीत सिंह की समझ है कि दक्षिण हरियाणा के साथ इंसाफ तभी संभव है जब इसी इलाके का कोई नेता मुख्यमंत्री बने। इसे मुद्दा बनाकर उन्होंने कांग्रेस और हुड्डा के खिलाफ तकरीबन डेढ़ साल तक बगावत का झंडा बुलंद किए रखा।

इसके अलावा इंसाफ मंच नामक संगठन भी बनाया और एक राजनीतिक पार्टी भी बनाई। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने पार्टी का इसमें विलय कर लिया।

बहुत कुछ प्लान कर रहे थे राव इंद्रजीत

rao indarjit singh wants to be cm of Haryana

राव साहब को करीब से जानने वाले मानते हैं कि लोकसभा चुनाव जीतने के बाद वह मुख्यमंत्री बनने के लिए भाजपा से दक्षिण हरियाणा की कम से कम 25 सीटें मांग सकते थे। ताकि उनके चुनाव जीतने पर इनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो सके।

आम समझ है कि राव साहब केंद्र में भाजपा को कम सीटें मिलने पर गुड़गांव से अपनी पुत्री को बाई इलेक्शन और खुद विधानसभा का चुनाव लड़कर मुख्यमंत्री बनने का रिस्क ले सकते हैं। इत्तेफाक से ऐसा नहीं हुआ।

केंद्र स्तर पर भाजपा ने बढ़िया प्रदर्शन तो किया ही हरियाणा की सात सीटों पर भी विजयी रही। प्रदेश में बड़ी सफलता मिलने से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. राम बिलास शर्मा ने भी एक तरफ से जरूर संतुष्ट तो गए होंगे।

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