Delhi: राहुल गांधी ने दुष्कर्म पीड़िता की पहचान उजागर करने वाला ट्वीट हटाया; पुलिस ने कहा- अभी भी जांच जारी है
राहुल गांधी की और से पेश वकील तरन्नुम चीमा ने कहा कि ट्वीट को भारत में पहले ही रोक दिया गया था और अब इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हटा दिया गया है। इस बयान की पुष्टि ट्विटर के वकील ने भी की है।
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को उच्च न्यायालय को बताया कि उन्होंने अपना 2021 का ट्वीट हटा दिया है जिसमें कथित तौर पर 9 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता की पहचान उजागर की गई थी।
राहुल गांधी की और से पेश वकील तरन्नुम चीमा ने कहा कि ट्वीट को भारत में पहले ही रोक दिया गया था और अब इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हटा दिया गया है। इस बयान की पुष्टि ट्विटर के वकील ने की। दिल्ली पुलिस ने एक सीलबंद रिपोर्ट पेश की जिसमें कहा गया कि उसने सितंबर 2021 में राहुल गांधी के खिलाफ पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की थी और मामले में जांच अभी भी जारी है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ के समक्ष यह तर्क रखा गया। पीठ राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है। दिल्ली पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट और राहुल गांधी के वकील के बयान पर विचार करने के बाद अदालत ने यह कहते हुए याचिका का निपटारा कर दिया कि प्रार्थनाएं संतुष्ट हो गई हैं।
यह है मामला
मामला 2021 में दिल्ली कैंटोनमेंट इलाके में नौ साल की दलित लड़की से दुष्कर्म के बाद हत्या से संबंधित है। बच्ची अपने माता-पिता के साथ श्मशान घाट के सामने किराए के घर में रहती थी। शाम में वह श्मशान घाट के कूलर से पीने के लिए पानी लेने आई थी। इसके बाद उसकी संदिग्ध मौत हो गई थी। आरोपियों ने बच्ची की मां को बुलाकर कहा था कि करंट लगने से उसकी मौत हो गई है। आरोप है कि उसकी हत्या से पहले उसके साथ दुष्कर्म भी किया गया था। जिसके बाद कांग्रेस नेता राहुल पीड़िता ने पीड़ित परिवार से मिलने गए थे। पीड़िता के गांव नांगल जाकर मुलाकात भी की थी। राहुल गांधी ने इस मुलाकात की तस्वीर टि्वटर पर पोस्ट भी की थी। गौरतलब है कि नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की पहचान उजागर करना कानूनन जुर्म है।