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दिल्ली की शान है कुतुब मीनार
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 27 Dec 2013 05:24 PM IST
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दिल्ली की ऐतिहासिक इमारतों में कुतुब मीनार की शान निराली है। यह दिल्ली के महरौली इलाके में स्थित है। यूनेस्को ने इसे ‘वर्ल्ड हेरिटेज साइट’ का दर्जा दिया है।
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लाल और हल्के पीले बलुआ पत्थरों से बनी यह मीनार, दुनिया की सबसे ऊंची मीनारों में से एक है। इसकी ऊंचाई 72.5 मीटर (237.86 फीट) है और इसमें कुल 379 सीढ़िया हैं। आधार पर इसका व्यास (डाइएमीटर) 14.3 मीटर और टॉप पर केवल 2.7 मीटर है।
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कुतुब मीनार का निर्माण दिल्ली के पहले मुस्लिम बादशाह कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1199 ईसवी में शुरू कराया था। ऐबक ने कुतुब मीनार के ग्राउंड और पहले फ्लोर का ही निर्माण कराया था। बाद में उनके दामाद और उत्तराधिकारी इल्तुतमिश ने इसमें तीन और मंजिलें बनवाईं।
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कहा जाता है कि कुतुब मीनार का नाम कुतुबुद्दीन ऐबक के नाम पर रखा गया है, लेकिन कुछ इतिहासकारों का कहना है कि इसका नाम प्रसिद्ध मुस्लिम संत ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी के नाम पर रखा गया था।
समय-समय पर इसकी मरम्मत भी हुई हैं। जिन बादशाहों ने इसकी मरम्मत कराई उनका उल्लेख इसकी दीवारों पर मिलता है। मस्जिद के पास ही चौथी शताब्दी में बना लौहस्तंभ भी है जो पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है।
कैंपस में और भी इमारतें हैं
कुतुब मीनार कैंपस में कई और प्रसिद्ध ऐतिहासिक इमारतें भी हैं। इनमें कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा बनाई गई भारत की पहली मस्जिद कुव्वत-उल-इस्लाम, चौथी सदी का चंद्र लौह स्तंभ (आयरन पिलर), अलाई दरवाजा, इल्तुतमिश का मकबरा प्रमुख हैं।
1700 सालों में नहीं लगी जंग
आयरन पिलर की खासियत यह है कि 1700 साल के लंबे अर्से से यह खुले आसमान में खड़ा है। इसके ऊपर सालों से धूप, बारिश और धूल गिरती रही है, लेकिन इसके बावजूद भी इस पर जंग नहीं लगी है।
बाहों में भरने पर पूरी होती हैं मुरादें
इसके बारे में यह भी मान्यता है कि अगर इसे कोई व्यक्ति उल्टी तरफ से अपनी बाहों में पकड़ ले तो उसकी सभी मुरादें पूरी हो जाती हैं। हालांकि, अब इस पिलर के आसपास घेरा बना दिया गया है ताकि लोग इसे छूकर नुकसान न पहुंचा सकें।
वास्तुकला की मिसाल है मीनार
ऐबक से तुगलक काल तक की वास्तुकला शैली का विकास इस मीनार में स्पष्ट झलकता है। 238 फीट कुतुबमीनार का आधार 17 फीट और इसका शीर्ष 9 फीट का है । मीनार को शिलालेख से सजाया गया है और इसकी चार बालकनी हैं।
संक्षिप्त जानकारी
महरौली में स्थित
नजदीकी मेट्रो स्टेशन: कुतुब मीनार
खुलने के दिन: रोजाना
प्रवेश शुल्क : 10 रुपये (भारतीय),
250 रुपये (विदेशी)
बंद रहने के दिन: कोई नहीं