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सुरक्षा पर सवालिया निशान, नियमों को ठेंगा दिखा दौड़ रहीं अवैध कैब

Mon, 30 Nov 2015 02:57 AM IST
सुशील पांडेय/अमर उजाला, नोएडा
सुशील पांडेय/अमर उजाला, नोएडा Updated Mon, 30 Nov 2015 02:57 AM IST
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Question mark on security, running illegal cabs

परिवहन विभाग के नियमों को धता बताकर शहर में धड़ल्ले से कैब ऑपरेटर गाड़ियां दौड़ा रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर में कैब में लूट या दुष्कर्म जैसी कोई बड़ी घटना सामने आती है तो परिवहन विभाग अभियान चलाकर इन पर नकेल कसता है। लेकिन, अभियान की गति धीमी होते ही चालक फिर से नियम तोड़कर कैब दौड़ाना शुरू कर देते हैं। ऐसे में अवैध कैब में सफर करना कहीं से भी सुरक्षित नहीं है।

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अवैध तरीके से चलने से सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न तो लगता है कि सरकारी राजस्व को भी नुकसान होता है। परिवहन विभाग के अभियान मेें ऐसे कैब चालकों के बिना परमिट वाहन चलाने बात सामने आती है। यही नहीं इनके पास कामर्शियल वाहन चलाने के लिए लाइसेंस भी नहीं पाया जाता। कुछ कैब बिना टैक्स और बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के सड़क पर दौड़ती हैं। हर माह ऐसी करीब 50 कैब पकड़ी जाती हैं।
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निजी वाहनों का व्यावसायिक इस्तेमाल
शहर में निजी वाहनों का व्यावसायिक इस्तेमाल होते देखा जा सकता है। ऐसे वाहन शहर के अलग-अलग प्वाइंट पर कैब की शक्ल में खड़ेे होते हैं। अगर प्रवर्तन दल का कोई अधिकारी इनसे सवाल करता है तो यह कैब के प्रयोग से मना कर देते हैं। वहीं, सवारी मिलने पर यह व्यावसायिक इस्तेमाल का मौका नहीं चूकते।
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स्कूलों में सरेआम नियम तोड़ते हुए निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। ऐसे स्कूल निजी वैन का इस्तेमाल बच्चों को ढोने के लिए करते हैं। ऐसे में वैन के मालिक और परिवहन विभाग के अधिकारियों पर सवाल खड़े होते हैं। खास बात यह कि स्कूल प्रबंधन भी इसे नहीं रोकता।

वेरिफिकेशन आईडी नहीं

नोएडा की जो कंपनियां कैब ऑपरेटरों की सेवा ले रही हैं। उनमें से कई के चालकों के पास वेरिफिकेशन आईडी नहीं होता। ऐसे में कोई घटना होने पर इन्हें ढूंढना मुश्किल हो जाता है। कंपनियां भी चालकों के वेरिफिकेशन के लिए किसी तरह का सवाल नहीं खड़ा करती।


आठ हजार कैब रजिस्टर्ड

परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग से करीब 8000 कैब रजिस्टर्ड हैं। इनमें कई ऐसे कैब ऑपरेटर हैं जो नोएडा में अलग-अलग कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को ढोने के लिए तैनात हैं। ऐसे कैब ऑपरेटर नोएडा से ग्रेनो, दिल्ली, गाजियाबाद, गुड़गांव और फरीदाबाद तक सेवा देते हैं।

यह है जुर्माने की व्यवस्था
- बिना टैक्स चुकाए पकड़े जाने पर छह गुना टैक्स वसूली
- बिना परमिट पर 4000 रुपये का जुर्माना
- बिना फिटनेस प्रमाण पत्र पर 4000 रुपये का जुर्माना
- बिना रजिस्ट्रेशन पर 4000 रुपये का जुर्माना

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