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Delhi NCR News: देश में आई पहली डेंगू वैक्सीन क्यूडेंगा, चार से 60 साल के लोगों को लग सकेगी
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-चारों तरह के डेंगू वायरस से सुरक्षा, जांच की जरूरत नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डेंगू से बचाव के लिए देश में पहली वैक्सीन आ गई है। ड्रग कंट्रोलर डीसीजीआई ने टाकेडा कंपनी की डेंगू वैक्सीन क्यूडेंगा को मंजूरी दे दी है। यह वैक्सीन चार से 60 साल के लोगों को लगाई जा सकती है और डेंगू वायरस के सभी चार सीरोटाइप से बचाती है।
पहले डेंगू हुआ हो या नहीं, दोनों को लग सकती है और टीके से पहले कोई खून की जांच नहीं करानी होगी। यह 0.5 एमएल की दो डोज में लगेगी, जिनके बीच तीन महीने का अंतराल होगा। डॉक्टरों के अनुसार पिछले 20 साल में डेंगू के मामलों में 11 गुना बढ़ोतरी हुई है। 2025 में 1.13 लाख से अधिक मामले दर्ज हुए, जबकि वास्तविक संख्या करोड़ों में हो सकती है।
डेंगू की कोई खास दवा नहीं है और यह जानलेवा भी हो सकता है। कंपनी के सात साल के परीक्षण में क्यूडेंगा अस्पताल में भर्ती होने के खतरे को 84 फीसदी तक कम पाया गया है और यह सात साल तक असरदार रहती है।
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टाकेडा के डॉ. महेंद्र नायक ने कहा कि डेंगू अब सिर्फ मौसमी नहीं, बल्कि सालभर का खतरा बन गई है। भारत में इसकी मंजूरी एक बड़ा कदम है। यह वैक्सीन 43 देशों को मंजूर है और 3.2 करोड़ से अधिक डोज लग चुकी हैं। ब्राजील, अर्जेंटीना, कोलंबिया व इंडोनेशिया में यह सरकारी टीकाकरण में भी शामिल है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी डेंगू वाले इलाकों में इसे लगाने की सिफारिश की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डेंगू से बचाव के लिए देश में पहली वैक्सीन आ गई है। ड्रग कंट्रोलर डीसीजीआई ने टाकेडा कंपनी की डेंगू वैक्सीन क्यूडेंगा को मंजूरी दे दी है। यह वैक्सीन चार से 60 साल के लोगों को लगाई जा सकती है और डेंगू वायरस के सभी चार सीरोटाइप से बचाती है।
पहले डेंगू हुआ हो या नहीं, दोनों को लग सकती है और टीके से पहले कोई खून की जांच नहीं करानी होगी। यह 0.5 एमएल की दो डोज में लगेगी, जिनके बीच तीन महीने का अंतराल होगा। डॉक्टरों के अनुसार पिछले 20 साल में डेंगू के मामलों में 11 गुना बढ़ोतरी हुई है। 2025 में 1.13 लाख से अधिक मामले दर्ज हुए, जबकि वास्तविक संख्या करोड़ों में हो सकती है।
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डेंगू की कोई खास दवा नहीं है और यह जानलेवा भी हो सकता है। कंपनी के सात साल के परीक्षण में क्यूडेंगा अस्पताल में भर्ती होने के खतरे को 84 फीसदी तक कम पाया गया है और यह सात साल तक असरदार रहती है।
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टाकेडा के डॉ. महेंद्र नायक ने कहा कि डेंगू अब सिर्फ मौसमी नहीं, बल्कि सालभर का खतरा बन गई है। भारत में इसकी मंजूरी एक बड़ा कदम है। यह वैक्सीन 43 देशों को मंजूर है और 3.2 करोड़ से अधिक डोज लग चुकी हैं। ब्राजील, अर्जेंटीना, कोलंबिया व इंडोनेशिया में यह सरकारी टीकाकरण में भी शामिल है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी डेंगू वाले इलाकों में इसे लगाने की सिफारिश की है।