तेज रफ्तार पंजाब मेल की महिला बोगी पटरी से उतरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फरीदाबाद के न्यू टाउन स्टेशन के पास मंगलवार सुबह सांड से टक्कर के बाद फिरोजपुर से मुंबई जा रही पंजाब मेल(12138) की एक बोगी पटरी से उतर गई।
इससे यात्रियों में हड़कंप मच गया। ड्राइवर की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। दुर्घटना में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। रेलवे ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
पंजाब मेल न्यू टाउन स्टेशन के पास सुबह 6 बजे पहुंची। ट्रेन 6.05 बजे जैसे ही मुजेसर फाटक पर पहुंची तो वहां उसके आगे एक सांड आ गया। इसे बचाने के चक्कर में ड्राइवर ने स्पीड कम की, लेकिन वह उसके बीच आ गया।
आठ सौ स्लीपर क्षतिग्रस्त
टक्कर लगते ही झटके से इंजन के पीछे लगी विकलांग, महिला व लगेज बोगी (13719 नंबर एसएलआर कोच) पटरी से उतर गई, जबकि सांड की मौके पर ही मौत हो गई।
इससे अप मेनलाइन पर जा रही यह ट्रेन लगभग डेढ़ किलोमीटर तक इसी अवस्था में आगे चली गई। इस दौरान यात्री बुरी तरह से डर गए। आजाद नगर झुग्गियों के पास ट्रेन को रोका जा सका।
बोगी का दाहिना हिस्सा ट्रैक पर आने के कारण करीब आठ सौ स्लीपर क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे एक बोगी के पहिए खराब हो गए। घटना की सूचना पाकर डीआरएम अनुराग सचान भी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर फरीदाबाद रेलवे स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक, आरपीएफ कर्मी एवं ट्रैफिक इंस्पेक्टर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
...तब जाकर दोबारा चल सकी ट्रेन
सुबह 8:22 बजे एसएलआर और एक जनरल बोगी को काटकर ट्रेन दूसरे इंजन से थर्ड लाइन पर लाकर बल्लभगढ़ स्टेशन के लिए रवाना की गई। वहां पर उसके पुराने इंजन को जोड़ा गया। उसके बाद करीब 8:40 बजे ट्रेन आगे निकली। इन दोनों डिब्बों के यात्रियों को दूसरे स्लीपर डिब्बों में जगह दी गई। इसके बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली।
दिल्ली-मुंबई ट्रैक काफी व्यस्त ट्रैक है। इसलिए इसकी मरम्मत का काम तत्काल शुरू कर दिया गया। घटना के बाद 10.43 बजे इसी ट्रैक से नई दिल्ली-पलवल शटल (64078) निकाली गई, लेकिन बीच से स्लीपर क्षतिग्रस्त होने के कारण वहां इसकी स्पीड मात्र 10 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई थी।
इसके बाद 11.42 बजे राजधानी एक्सप्रेस निकाली गई। फिर दोपहर में 1.10 से शाम को 6.10 बजे तक का रेल ट्रैफिक ब्लॉक लेकर इस रूट पर परिचालन बंद किया गया। इस दौरान रेलवे कर्मियों ने लाइन को ठीक किया और स्लीपर बदले।