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तीन लाख लोगों को राहत देने वाला अहम फैसला
अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Fri, 31 Jan 2014 09:01 PM IST
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का आयुध डिपो की 900 मीटर परिधि में बसी आबादी को बिजली और पानी उपलब्ध कराने का फैसला तीन लाख लोगों के लिए राहत लेकर आया है।
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सामाजिक, राजनीतिक और गैरसरकारी संगठनों समेत तमाम लोगों ने इस पर खुशी जताई है। आयुध डिपो का मसला यहां के लिए हमेशा ही बड़ा मुद्दा रहा है। पांच सालों में यह मुद्दा इतना ज्वलंत हो गया था कि न केवल राजनीतिक दल, बल्कि सामाजिक संगठनों के लिए भी इसकी अनदेखी करना मुश्किल हो गया।
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आखिर सवाल 13 से अधिक कॉलोनियों में रहने वाली तीन लाख की आबादी को बिजली और पानी की सुविधा उपलब्ध कराने का था। ऐसे में जनप्रतिनिधियों से लेकर राजनीतिक दलों तक ने यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया।
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इतने लंबे संघर्ष के बाद अब जब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 900 मीटर की आबादी को बिजली और पानी की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं तो सभी को यह अपने संघर्ष की जीत लग रही है।
युवा कांग्रेस ने किया था अनशन
युवा कांग्रेस ने 23 जनवरी 2014 को ही इस मुद्दे पर अनशन किया था। शीतला कॉलोनी में हैप्पी मॉडल स्कूल के पास अनशन पर बैठे युवा कांग्रेस हरियाणा प्रदेश के महासचिव पंकज खरबंदा, बादशाहपुर विधानसभा के अध्यक्ष मुनीष यादव और 900 मीटर दायरे के प्रधान नरेश दहिया ने चेतावनी दी थी कि जब तक इस आयुध डिपो की परिधि में रहने वाले लोगों को बिजली और पानी की मूलभूत सुविधा नहीं मिलेगी, तब तक अनशन जारी रहेगा। 29 जनवरी को यह अनशन निगमायुक्त के इस आश्वासन पर खत्म हो गया कि वह जरूरत पड़ी तो इस मुद्दे पर लोगों की तरफ से स्वयं न्यायालय में पैरवी करेंगे।
सांसद राव इंद्रजीत ने भी उठाया था मुद्दा
सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने दो अक्तूबर 2013 को रैपिड मेट्रो के उद्घाटन के वक्त मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समक्ष यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया था। सांसद ने कहा था कि आयुध डिपो गुड़गांव के विकास में स्पीड ब्रेकर का काम कर रहा है। उन्होंने रक्षा राज्य मंत्री रहते हुए इस दिशा में प्रयास भी किए थे, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। सांसद ने इस बात पर मुखर विरोध जताया था कि जब आयुध डिपो की परिधि में मौजूद मारुति उद्योग और हुडा के सेक्टर-14 व 17 में बुनियादी सुविधाएं मुहैया हो सकती हैं तो कॉलोनियों में रहने वाले लोग इससे महरूम क्यों है। इस पर मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया था कि इस मुद्दे का जल्द से जल्द हल निकलवाया जाएगा।
निगमायुक्त की पैरवी ने कोर्ट में लाया रंग
आयुध डिपो के प्रतिबंधित क्षेत्र में रहने वाले लाखों लोगों को नगर निगम के आयुक्त प्रवीण कुमार की ठोस पैरवी से राहत मिली है। उन्होंने शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में आयुध डिपो के लिए बने कानून व उसके विस्थापन को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए। इसके बाद अदालत ने प्रतिबंधित क्षेत्र में रहने वालों को विभिन्न शर्तों के साथ बिजली और पानी मुहैया कराने के आदेश दिए।
भाजपा ने किया स्वागत
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से आयुध डिपो की नौ सौ मीटर की परिधि में बसी कॉलोनियों को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देशों का भाजपा ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि इन निर्देशों से यहां बसे लोगों को राहत मिलेगी। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी उमेश अग्रवाल ने कहा कि वे आयुध डिपो के नौ सौ मीटर के दायरे में बसी कॉलोनियों के लोगों को बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लंबे समय से मांग उठा रहे थे। यहां रह रहे लोगों से मिलकर उन्होंने राजीव नगर के शिव चौक एवं शीतला कॉलोनी के हैप्पी मॉडल स्कूल के सामने दो बड़ी जन अदालतों का भी आयोजन किया था।