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नागरिक कानून का विरोध: हिंसक प्रदर्शन का फायदा उठा सकता है पाकिस्तान, खुफिया एजेंसी अलर्ट
Fri, 20 Dec 2019 07:40 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 20 Dec 2019 07:40 PM IST
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जामा मस्जिद में हिंसक हुआ प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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राजधानी दिल्ली समेत में नागरिक संशोधन कानून के विरोध में हिंसक प्रदर्शन चलत रहे तो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी व इंडियन मुजाहिद्दीन जैसे संगठन जल्द ही साम्प्रदायिक माहौल में बदल सकते हैं। इससे देश के हालत खराब हो सकते हैं। देश के खुफिया विभाग ने दिल्ली समेत प्रदर्शन होने वाले राज्यों के पुलिस प्रमुखों को ये इनपुट्स दिए हैं।
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इसके अलावा गुरुवार को लाल किले पर बड़ी हिंसा के इनपुट्स मिले थे कि मेवात की तरफ से आने वाले कुछ शरारती तत्व लाल किले पर बड़े पैमाने पर हिंसा फैला सकते हैं। इस कारण गुरुवार को दिल्ली के बॉर्डरों को सील किया गया था।
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स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देश के खुफिया विभाग ने इनपुट्स दिए हैं कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई दिल्ली में मौजूद अपने मोड्यूल के जरिए नागरिक संशाधन बिल के विरोध में प्रदर्शनों को माहौल को खराब कर सकते हैं। मोड्यूल इन प्रदर्शनों को दो साम्प्रदायिक दंगों के रूप दे सकते हैं। इन इनपुट्स के बाद दिल्ली पुलिस समेत देश का खुफिया विभाग अलर्ट हो गया है।
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पुलिस अधिकारी मान रहे हैं कि हो सकता है कि प्रदर्शनों के दौरान जो विरोध प्रदर्शनों में हिंसा हो रही है उसके पीछे आईएसआई के मोड्यूल हो। इस बात की जांच जा रही है। जम्मू कश्मीर व पाकिस्तान से आने वाले फोन कॉल्स पर विशेष नजर रखी जा रही है। व्हाट्सऐप ग्रुप पर नजर रखी जा रही है। स्पेशल सेल अधिकारियों का कहना है कि अभी तक आईएसआईएस की भूमिका सामने नहीं आई है।
दूसरी तरफ बृहस्पतिवार को इनपुट्स मिले थे कि मेवाती की तरफ से आने वाले कुछ लोग लालकिले पर हिंसा कर सकते हैं। इस कारण दिल्ली के बॉर्डरों को सील किया गया था। चेकिंग के बाद ही लोगों को दिल्ली में प्रवेश करने दिया जा रहा है। दिल्ली पुलिस के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को हिंसा को रोकने के लिए एनएसए अजीत डोभाल ने व्यूह रचना रची थी।
एनएसए की ओर से बुलाई गई बैठक दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक, दो स्पेशल सीपी, दो संयुक्त पुलिस आयुक्त और छह जिलों के डीसीपी थे। इस बैठक में दिल्ली के बॉर्डरों पर चेकिंग करने के अलावा संवेदनशील इलाकों की पहचान की गई थी। पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर दिल्ली पुलिस ने बॉर्डरों पर चेकिंग शुरू की गई थी। बैठक में ये तय हुआ था कि लाल किले पर प्रदर्शन ही नहीं होने देना है।