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दक्षिणी दिल्ली क्षेत्र में नहीं बढ़ेगा संपत्ति कर, प्रस्ताव निरस्त

Sat, 28 Dec 2019 06:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 28 Dec 2019 06:13 AM IST
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Property tax will not be increased in South Delhi region
demo pic - फोटो : Social Media
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले लोगों पर संपत्ति कर की मार नहीं पड़ेगी। वित्त वर्ष 2020-21 में लोगों से उतना ही संपत्ति कर वसूला जाएगा, जितना वर्तमान में वसूला जा रहा है। 
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बजट पर अंतिम बैठक में हाल ही में संपत्ति कर में बढ़ोतरी के लिए पेश निगमायुक्त के बजट प्रस्ताव को शुक्रवार को पूरी तरह निरस्त कर दिया गया। सिविक सेंटर में हुई समिति की विशेष बैठक में साथ ही पेशेवर कर लगाने सहित अन्य कर बढ़ने के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया गया।
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महापौर सुनीता कांगड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक में निमायुक्त ज्ञानेश भारती भी मौजूद थे। नेता सदन कमलजीत सहरावत ने घोषणा की कि संपत्ति कर में बढ़ोतरी के सभी प्रस्तावों को निरस्त किया जाता है। 
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निगमायुक्त के प्रस्ताव में तीन श्रेणियों ए-बी, सी-डी-ई और एफ-जी-एच को निरस्त कर दो श्रेणियां बनाने की बात कही गई थी। वर्तमान में ए-बी श्रेणी से 12, सी-डी-ई से 10 और एफ-जी-एच श्रेणी की संपत्तियों से 7 प्रतिशत संपत्ति कर वसूला जाता है। अब बदलाव का प्रस्ताव निरस्त होने के बाद संपत्ति कर में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।

बैठक में नेता सदन ने कनवर्जन शुल्क में एक प्रतिशत बढ़ोतरी के प्रस्ताव को भी निरस्त कर दिया। आगामी वित्त वर्ष के लिए कनवर्जन शुल्क का निर्धारित लक्ष्य 700 करोड़ रुपये रखा गया है। कनवर्जन शुल्क बढ़ने से भी लोगों की जेब पर आर्थिक भार बढ़ता। लोगों से एक प्रतिशत बढ़ा हुआ हस्तांतरण शुल्क नहीं वसूला जाएगा।


इसके साथ ही वित्त वर्ष 2020-21 में लोगों पर पेशेवर कर (प्रोफेशनल टैक्स) लगाए जाने का भी प्रस्ताव पेश किया गया था। इसके तहत 20 हजार रुपये तक की आमदनी वाले लोगों को कर की श्रेणी से मुक्त रखा गया था। 20001 से 50 हजार तक कमाने वाले लोगों से 100 रुपये प्रतिमाह और 50 हजार रुपये से अधिक कमाने वाले लोगों से 200 रुपये प्रतिमाह वसूलने का प्रस्ताव था। इसे भी निगम ने निरस्त कर दिया है।
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