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जांच में सामने आया निजी स्कूलों का बड़ा घोटाला
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 24 Jan 2014 09:59 PM IST
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दिल्ली में छठवें वेतन आयोग की सिफारिशों की आड़ में बच्चों से अधिक फीस वसूलने वाले निजी स्कूलों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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हाईकोर्ट ने न्यायमूर्ति अनिल देव कमेटी द्वारा दोषी ठहराए गए 242 स्कूलों को नौ प्रतिशत ब्याज के साथ फीस वापस करने का निर्देश दिया है। साथ ही करीब 100 स्कूलों के खिलाफ भी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है, जिन्होंने दस्तावेजों के आधार पर फर्जी खाते बनाए हैं या फिर कमेटी के समक्ष अपने खाते पेश नहीं किए हैं।
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न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि न्यायमूर्ति अनिल देव कमेटी द्वारा पेश चार रिपोर्ट के तहत सुनिश्चित किया जाए कि जिन स्कूलों ने अधिक फीस वसूली है, उनसे अभिभावकों को रुपये वापस दिलवाए जाए।
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अदालत ने कहा जिन स्कूलों ने फर्जी खाते बनाए है, उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए अलग से कमेटी बनाई जाए।
अदालत ने सरकार को अपनी कार्रवाई रिपोर्ट 9 मई तक दाखिल करने का निर्देश दिया है। खंडपीठ ने निजी स्कूलों के उस तर्क को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि उनके खिलाफ गलत तरीके से रिपोर्ट तैयार की गई है। अदालत ने कहा कमेटी की रिपोर्ट अंतिम है और उस पर मात्र अमल होना है।
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बता दें कि न्यायमूर्ति अनिल देव ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि छठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए सभी स्कूलों ने बच्चों से एक जनवरी 2006 से अगस्त 2008 तक की बकाया राशि फीस के रूप में वसूली। यानी कुल 32 माह की फीस बढ़ी हुई दर से वसूली। यह राशि टीचरों को वेतन के रूप में देनी थी, मगर स्कूल प्रशासन इस राशि को स्वयं डकार गया।
कमेटी ने हाईकोर्ट से आग्रह किया कि इन सभी 242 स्कूलों को सितंबर 2008 से अब तक वसूली बढ़ी हुई फीस 9 प्रतिशत ब्याज के साथ अभिभावकों को वापस देने का निर्देश दिया जाए। इतना ही नहीं वेतन आयोग के नाम पर एक जनवरी 2006 से अगस्त 2008 की बकाया राशि के रूप में वसूली राशि भी ब्याज सहित वापस करवाने का भी आग्रह किया है।
इसी प्रकार शैक्षिक सत्र 2010-11, 2011-12 व 2012-13 की मद में वसूली राशि भी वापस करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया। कमेटी ने कहा है कि राजधानी के निजी स्कूलों में भारी अनियमितांए पाई गई हैं। कमेटी को कुल 1172 निजी स्कूलों के खातों की जांच करनी है।
कमेटी अब तक कुल 605 स्कूलों के खातों की जांच कर कुल 242 स्कूलों को दोषी ठहरा चुकी है। इसके अलावा 100 से ज्यादा ऐसे स्कूल पाए गए, जिन्होंने फर्जी दस्तावेज के आधार पर खाते बनाए हैं। कमेटी ने इन स्कूलों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है।
ये स्कूल करेंगे फीस वापस
कमेटी ने रिपोर्ट में जिन स्कूलों से फीस वापस लेने की सिफारिश की है, उनमें ऑक्सफोर्ड स्कूल-उत्तम नगर, रुक्मणि देवी पब्लिक स्कूल-पीतमपुरा, कुलाची हंसराज मॉडल स्कूल-अशोक विहार, न्यू इरा पब्लिक स्कूल-मायापुरी, एनके बगरोडिया पब्लिक स्कूल-द्वारका, फेथ अकादमी-प्रसाद नगर, गुरु नानक पब्लिक स्कूल-राजौरी गार्डन व अन्य कई शाखाएं, गुरु हरकिशन पब्लिक स्कूल-फतेह नगर प्रमुख हैं।