देश के सबसे बडे़ जेल में विचाराधीन कैदी ने लगाई फांसी, नहीं मिला कोई सुसाइड नोट, गुत्थी उलझी
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तिहाड़ जेल में एक विचाराधीन कैदी ने बाथरूम में फांसी लगाकर जान दे दी। उसके पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है जिसकी वजह से खुदकुशी के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। कैदी पॉक्सो एक्ट के तहत जेल संख्या चार में बंद था।
मरने वाले कैदी की शिनाख्त राजकुमार (22) के रूप में हुई है। जेल के भीतर मौत होने की वजह से मामले की जांच मजिस्ट्रेट कर रहे हैं। साथ ही पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डॉक्टरों के पैनल द्वारा कैदी के शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार घटना बुधवार की है। जेल कर्मचारी सुबह में कैदियों की गिनती कर रहे थे। इस दौरान राजकुमार वहां मौजूद नहीं था। जेल कर्मियों ने उसकी तलाश शुरू की। बाथरूम में राजकुमार फंदे से लटका हुआ मिला।
पॉक्सो के तहत दर्ज मामले में था आरोपी
जेल अधिकारियों ने बताया कि राजकुमार नंगली सकरावती का रहने वाला था। नजफगढ पुलिस ने पॉक्सो के तहत दर्ज मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया था। वह सात मई से जेल संख्या चार में बंद था। मामले की जांच मजिस्ट्रेट कर रहे हैं ताकि पता लगाया जा सके कि किस परिस्थिति में आरोपी ने जेल में खुदकुशी कर ली है।