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दिल्ली सरकार के हटाने से नहीं हटे प्रधान गृह सचिव

Wed, 10 Jun 2015 02:00 PM IST
Updated Wed, 10 Jun 2015 02:00 PM IST
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Principal secretary denies to leave his post without lg consent

दिल्ली सरकार ने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) में मुकेश मीणा की नियुक्ति करने का एलजी का आदेश मानने वाले 1988 बैच के आईएएस अधिकारी प्रधान गृह सचिव धर्मपाल को हटाकर वापस गृह मंत्रालय भेजने का आदेश मंगलवार दोपहर जारी किया।

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इससे पहले ज्वाइंट कमिश्नर मुकेश मीणा को वापस दिल्ली पुलिस में जाने का आदेश भी भेजा गया। लेकिन सरकार को दोनों मामले में असफलता मिली।

एसीबी के चीफ मीणा पहले ही पदभार संभाल चुके थे तो धर्मपाल ने कुर्सी छोड़ने से इनकार कर दिया है। तर्क है कि एलजी ने आदेश दिए हैं तो फिर हम काम करते रहेंगे।

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ये है पूरा मामला

Principal secretary denies to leave his post without lg consent

राजनिवास और दिल्ली सचिवालय के बीच चली खींचतान के बीच सेवा विभाग के आदेश संख्या 296 में धर्मपाल को वापस गृहमंत्रालय भेजने और उनकी जगह गृह विभाग का चार्ज राजेंद्र कुमार और भूमि एवं भवन विभाग का चार्ज मंडलायुक्त अश्वनी कुमार को दिए जाने का आदेश (संख्या 297) निकाल दिया गया।

इस बीच एलजी ने गृह सचिव को आदेश भेज दिया कि सरकार के दोनो आदेश गलत हैं। इस बार एलजी ने जैसे ही वीटो लगाया तो धर्मपाल ने मोर्चा संभाल लिया। दफ्तर नहीं छोड़ा और अपना काम जारी रखा।

यही वजह है कि राजेंद्र कुमार ने बेशक दोपहर बाद से गृह विभाग का चार्ज खुद और भूमि एवं भवन का चार्ज अश्वनी कुमार को दिया था लेकिन एलजी का आदेश आने पर धर्मपाल पद पर कायम रहे।

केजरी-नजीब जंग में दोतरफा फायरिंग तेज

Principal secretary denies to leave his post without lg consent

केजरीवाल और नजीब जंग के बीच अधिकार को लेकर फायरिंग अब तेज हो गई है। एलजी का आदेश पलटने वाली ‘आप’ सरकार के फैसले पर एलजी के वीटो पॉवर को आईएएस अधिकारियों का साथ मिल गया है।

किरकिरी से बचने के लिए अबकी बार सरकार ने गृह सचिव के कमरे में तालाबंदी नहीं की है। पिछली बार तालाबंदी की वजह से आईएएस अधिकारियों का विरोध और सोशल मीडिया में किरकिरी झेलनी पड़ी थी।

एलजी और दिल्ली कैबिनेट के बीच लड़ाई की शुरुआत मुख्य सचिव के तौर पर रमेश नेगी की नियुक्ति को लेकर शुरू हुई। तब थोड़ा समझौता करके केके शर्मा पर केजरीवाल मान गए।

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और ऐसे चलती रही जंग

Principal secretary denies to leave his post without lg consent

फिर केके शर्मा जब लंबी छुट्टी पर गए तो कार्यवाहक मुख्य सचिव की नियुक्ति में खिलाड़ी खुलकर सामने आए। दोनों तरफ से चिट्ठी, आदेश और उस आदेश को काटने वाले आदेश की खूब फायरिंग हुई। केके शर्मा के लौटने पर विवाद थोड़ा थमता दिखा लेकिन फिर शुरुआत हो गई है।

दिल्ली सरकार ने सोमवार को सीएनजी फिटनेस घोटाने की पुरानी फाइल खोलने के साथ ही एलजी पर हमला किया तो उसी दिन शाम को एसीबी में नियुक्ति करके नजीब जंग ने गोली दाग दी।

फिर क्या था सीएम के ओएसडी और सतर्कता विभाग के निदेशक पद पर तैनात एसके जैन ने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा में मुकेश मीणा की नियुक्ति रोकने का आदेश मंगलवार को जारी कर दिया।

केजरीवाल सीएनजी घोटाले के बाद अब बिजली निजीकरण मामले को उठाना चाहते हैं। यही वजह है कि निजी कंपनियों की ऑडिट रिपोर्ट जल्द देने के लिए महालेखा परीक्षक से मुलाकात भी की।

फिर केंद्रीय वित्त मंत्री से मिलकर एमसीडी के लिए पैसा मांगने का मामला भी उसी टकराव की कड़ी बनती दिख रही है। दिल्ली सरकार के आईएएस अधिकारी अब साफ तौर पर राजनिवास और प्लेयर्स बिल्डिंग की लड़ाई में उपराज्यपाल के साथ खड़े दिख रहे हैं। बार-बार प्रताड़ना की तलवार को देखते हुए आईएएस अधिकारी इससे बचना चाहते हैं।

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