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Delhi: राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में पिछले छह महीने से खाली हैं पद, हाईकोर्ट ने केन्द्र सरकार से मांगा जवाब
Wed, 15 Oct 2025 10:58 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Wed, 15 Oct 2025 10:58 PM IST
सार
दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) में पिछले छह महीनों से प्रमुख, उप-प्रमुख और सदस्यों के पद खाली होने को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : ANI
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विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) में पिछले छह महीनों से प्रमुख, उप-प्रमुख और सदस्यों के पद खाली होने को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की बेंच ने बुधवार को इस जनहित याचिका (पीआईएल) को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आयोग बिना प्रमुख के नहीं चल सकता।
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कोर्ट ने केंद्र के वकील से तत्काल कार्रवाई शुरू करने को कहा और अगली सुनवाई का इंतजार न करने की सलाह दी। बेंच ने सख्त लहजे में कहा, आयोग बिना प्रमुख के नहीं हो सकता। कृपया सुनिश्चित करें कि काम शुरू हो। यह बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसके बाद कोर्ट ने केंद्र को इस मामले में निर्देश लेने की अनुमति दी। यह पीआईएल सामाजिक कार्यकर्ता मुजाहिद नफीस ने दायर की, जिसमें केंद्र से आयोग के प्रमुख, उप-प्रमुख और सदस्यों की नियुक्ति के लिए निर्देश मांगे गए। याचिका में कहा गया कि अप्रैल 2024 से सभी सात पद, जिसमें प्रमुख, उप-प्रमुख और पांच सदस्य शामिल हैं, खाली हैं। पूर्व प्रमुख एस इकबाल सिंह लालपुरा का कार्यकाल 12 अप्रैल 2024 को खत्म हुआ था।
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नफीस ने दलील दी कि सरकार की इस निष्क्रियता से संवैधानिक रूप से अल्पसंख्यक अधिकारों की रक्षा के लिए बनी इस वैधानिक संस्था पूरी तरह निष्क्रिय हो गई है, जो 1992 के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम का उल्लंघन है। याचिका में कहा गया कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने राज्यसभा में इस स्थिति को स्वीकार किया है। साथ ही, हाईकोर्ट के पिछले आदेश, जिसमें रिक्तियों को शीघ्र भरने का निर्देश दिया गया था, की अवहेलना भी हुई है।
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