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सांसद वीके सिंह के खिलाफ शहर में चिपके पोस्टर, सोशल मीडिया में हुए वायरल
Thu, 21 Feb 2019 04:52 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: Priyesh Mishra
Updated Thu, 21 Feb 2019 04:52 AM IST
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vk singh
- फोटो : pti
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लोकसभा चुनाव से पहले सांसद एवं केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री का विरोध शुरू हो गया है। बुधवार को कलक्ट्रेट परिसर के बाहर मुख्य गेट व कुछ अन्य जगहों पर सांसद विरोधी पोस्टर चस्पा किए गए। पोस्टर चस्पा होते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। एकाएक सांसद से जुड़े लोगों को जानकारी मिली तो भाजपा पार्टी हरकत में आ गई। पोस्टर को हटाया गया, लेकिन उस वक्त पर सोशल मीडिया पर लोग फोटो शेयर कर कमेंट कर रहे थे। पार्टी के नेताओं ने इसे दूसरी दलों की हरकत बताया है।
शाम करीब छह बजे कलक्ट्रेट को बाहर लाल, नीली, काली व हरी रंग की स्याही में लिखे गए पोस्टरों को चस्पा किया गया। पोस्टर पर दो पंच लाइन लिखी गई ‘मोदी तुझ से बैर नहीं, जनरल तेरी खैर नहीं’ और ‘ यदि जनरल ही जरूरी है तो गठबंधन मजबूरी है’। इसके बाद में लिखा गया कि तानाशाह नहीं सबके सुख में शामिल होने वाला जनसेवक चाहिए। पोस्टर पर निवेदक जागरूक नागरिक मंच गाजियाबाद लिखा गया, जो कोई पंजीकृत संस्था नहीं है।
भाजपा ने पूरे मामले को छोटी और घिनौनी हरकत बताया है। भाजपा महानगर अध्यक्ष मान सिंह गोस्वामी का कहना है कि टिकट मांगना हर किसी का अधिकार है, लेकिन एक भाजपाई इतनी घटिया और गिरी हुई हरकत नहीं कर सकता है वो भी यह सब जानते हुए कि जनरल वीके सिंह ने दुनिया में देश का मान बढ़ा है।
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आज शहर की जो तस्वीर बदल रही है उसके पीछे सांसद जनरल वीके सिंह का अहम योगदान है। यह सिर्फ उन लोगों की हरकत हो सकती है जिन्हें भाजपा पसंद नहीं है और अब गठबंधन के जरिए सीट जीतने का सपना देख रहे हैं। पूरे मामले पर भाजपा रिपोर्ट दर्ज कराएगी, जिससे की सांसद के खिलाफ षड्यंत्र रचने वाले बेनकाब हो सकें।
साजिश अंदर से या बाहर से, पार्टी के लिए चुनौती
भाजपा में अंदर खाने कई बार सुगबुगाहट चलती रही है कि स्थानीय व्यक्ति सांसद होना चाहिए। पार्टी से जुड़े कई नेता दबी जुबान में इस बात को कहते रहे हैं। अब पोस्टर वार के बीच पार्टी व सांसद वीके के सिंह के सामने असल चुनौती असल चुनौती साजिशकर्ता को बेनकाब करने की है। अगर यह साजिश अंदर से रची गई तो पार्टी के लिए भविष्य में अच्छे संकेत नहीं और अगर कोई विरोधी पार्टी इस मामले में लिप्त हैं तो निश्चित तौर पर चुनाव से पहले सांसद व उससे जुड़े लोगों को कमजोर करने की कोशिश है। इससे पार पाना पार्टी व सांसद के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
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शाम करीब छह बजे कलक्ट्रेट को बाहर लाल, नीली, काली व हरी रंग की स्याही में लिखे गए पोस्टरों को चस्पा किया गया। पोस्टर पर दो पंच लाइन लिखी गई ‘मोदी तुझ से बैर नहीं, जनरल तेरी खैर नहीं’ और ‘ यदि जनरल ही जरूरी है तो गठबंधन मजबूरी है’। इसके बाद में लिखा गया कि तानाशाह नहीं सबके सुख में शामिल होने वाला जनसेवक चाहिए। पोस्टर पर निवेदक जागरूक नागरिक मंच गाजियाबाद लिखा गया, जो कोई पंजीकृत संस्था नहीं है।
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भाजपा ने पूरे मामले को छोटी और घिनौनी हरकत बताया है। भाजपा महानगर अध्यक्ष मान सिंह गोस्वामी का कहना है कि टिकट मांगना हर किसी का अधिकार है, लेकिन एक भाजपाई इतनी घटिया और गिरी हुई हरकत नहीं कर सकता है वो भी यह सब जानते हुए कि जनरल वीके सिंह ने दुनिया में देश का मान बढ़ा है।
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आज शहर की जो तस्वीर बदल रही है उसके पीछे सांसद जनरल वीके सिंह का अहम योगदान है। यह सिर्फ उन लोगों की हरकत हो सकती है जिन्हें भाजपा पसंद नहीं है और अब गठबंधन के जरिए सीट जीतने का सपना देख रहे हैं। पूरे मामले पर भाजपा रिपोर्ट दर्ज कराएगी, जिससे की सांसद के खिलाफ षड्यंत्र रचने वाले बेनकाब हो सकें।
साजिश अंदर से या बाहर से, पार्टी के लिए चुनौती
भाजपा में अंदर खाने कई बार सुगबुगाहट चलती रही है कि स्थानीय व्यक्ति सांसद होना चाहिए। पार्टी से जुड़े कई नेता दबी जुबान में इस बात को कहते रहे हैं। अब पोस्टर वार के बीच पार्टी व सांसद वीके के सिंह के सामने असल चुनौती असल चुनौती साजिशकर्ता को बेनकाब करने की है। अगर यह साजिश अंदर से रची गई तो पार्टी के लिए भविष्य में अच्छे संकेत नहीं और अगर कोई विरोधी पार्टी इस मामले में लिप्त हैं तो निश्चित तौर पर चुनाव से पहले सांसद व उससे जुड़े लोगों को कमजोर करने की कोशिश है। इससे पार पाना पार्टी व सांसद के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा।