{"_id":"658f333eb01910b0ae0ebb06","slug":"pollution-is-suffocating-trees-and-plants-in-delhi-ncr-even-birds-are-becoming-breathless-2023-12-30","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Pollution : दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण घोंट रहा है पेड़-पौधों का दम, मैले पर्यावरण में परिंदे भी हो रहे बेदम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pollution : दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण घोंट रहा है पेड़-पौधों का दम, मैले पर्यावरण में परिंदे भी हो रहे बेदम
Sat, 30 Dec 2023 05:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा
संतोष कुमार, नई दिल्ली
संतोष कुमार, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 30 Dec 2023 05:27 AM IST
सार
प्रदूषण की चपेट में आने से परिंदों की सांसें भी उखड़ी हैं। पेड़ों की पीली पड़तीं सूखती पत्तियां और अस्पतालों में बड़ी संख्या में पहुंचते घायल पक्षी इसकी तस्दीक भी करते हैं।
विज्ञापन
demo pic...
- फोटो : pexel
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली-एनसीआर के घने प्रदूषण ने पेड़-पौधों का दम घोंटा है। इसकी चपेट में आने से परिंदों की सांसें भी उखड़ी हैं। पेड़ों की पीली पड़तीं सूखती पत्तियां और अस्पतालों में बड़ी संख्या में पहुंचते घायल पक्षी इसकी तस्दीक भी करते हैं।
विज्ञापन
विशेषज्ञों की मानें तो घने प्रदूषण ने पेड़-पौधों के कुदरती विकास को तो धीमा किया ही है, साथ ही प्रदूषकों को सोखने की इनकी क्षमता भी खत्म की है। दिल्ली-एनसीआर की दिक्कत इसलिए भी ज्यादा है कि यहां प्रभावी प्रदूषक धूल के महीन, सल्फर व नाइट्रोजन के ऑक्साइड और ओजोन हैं।
विज्ञापन
विशेषज्ञ बताते हैं कि दो से तीन महीने तक हवा में पीएम 10 की मात्रा ज्यादा होने पर पौधों की विकास दर 30-50 फीसदी तक गिर जाती है। वहीं, वातावरण से गैसों के आदान-प्रदान में भी बाधा आती है। इससे वनस्पतियों के प्रदूषण सोखने की क्षमता गिरती है। सामान्य अवस्था में जो पौधा जितना ज्यादा हवा को साफ करता है, उसमें उतनी ही गिरावट आती है।
विज्ञापन
भारतीय पुरातत्व विभाग के निदेशक, हॉर्टिकल्चर एस. चेलैया के मुताबिक, इंसानों की तरह वनस्पतियों पर भी प्रदूषण का असर पड़ रहा है। दिल्ली में इस वक्त जो पत्तियां पीली पड़ रही हैं, पीपल सरीखे पेड़ों तक से यह सूखकर गिर रही हैं, यह घने प्रदूषण का ही नतीजा है। लंबे दौर का प्रदूषण पेड़-पौधों को कुपोषित कर रहा है।