दिल्ली विधानसभा चुनावः आज से मतदान केंद्र सुरक्षा बलों के हवाले, चप्पे-चप्पे पर निगाह
- सीएए और एनआरसी को लेकर भी किए गए मजबूत बंदोबस्त
- यमुना से लेकर चप्पे-चप्पे पर रहेगी सुरक्षाकर्मियों की निगहबानी
विस्तार
ये किए हैं इंतजाम
- मतदान केंद्रों की सुरक्षा और ईवीएम की आवाजाही के लिए अर्द्घसैनिक बल की 190 कंपनी के साथ 40 हजार दिल्ली पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, जहां 19 हजार होमगार्ड भी पुलिसकर्मियों की मदद करेंगे।
- ईवीएम, महत्वपूर्ण बूथों और मतगणना केंद्रों की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए अतिरिक्त बल तैनात रहेंगे।
- 2689 मतदान केंद्र, 545 संवेदनशील, 21 मतगणना सेंटरों में मल्टी लेयर में सुरक्षा प्रदान की गई है।
- संवेदनशील और गड़बड़ी की आशंका वाले क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा के बंदोबस्त। बूथों तक मतदाता के सुगम आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए सभी सावधानी बरती जाएगी।
- मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश को नाकाम करने के लिए फ्लाइंग स्कवॉड तैनात रहेगी।
- मतदान अधिकारियों के समन्वय से ईवीएम को ले जाने का ड्रिल किया जाएगा।
- गड़बड़ी की आशंका वाले इलाके में आतंक विरोधी कोण से सभी उपाय किए गए हैं।
- यमुना नदी में बोट के जरिए पुलिसकर्मी गश्त करेंगे।
- सभी बॉर्डर पर सुरक्षा कड़े किए गए हैं। अन्य राज्यों की पुलिस से तालमेल कर शराब तस्करी व संदिग्धों पर निगरानी रखी जाएगी।
- वरिष्ठ अधिकारी जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण करेंगे।
- आचार संहिता लागू होने के बाद से पुलिस 96,798 लीटर शराब और 774 किलोग्राम ड्रग बरामद कर चुकी है।
- विशेष अभियान के तहत 494 पिस्टल, 706 कारतूस बरामद, 7397 लाइसेंसी हथियार भी जमा किए गए।
- आदर्श आचार संहिता और चुनाव आयोग के निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नोडल आफिसर के फोन संख्या 8130099105 और साइबर सेल के एसीपी के फैक्स नंबर 011-28031130 पर शिकायत कर सकते हैं।
750 स्लम में 3 हजार से ज्यादा जासूस रखेंगे नजर
दिल्ली के विधानसभा चुनाव का प्रचार खत्म हो चुका है। अब लोगों को शराब, कैश सहित तरह-तरह के सामान का प्रलोभन देने का सिलसिला हावी रहेगा। ऐसे में अगली दो रात दिल्ली के 750 छोटे और बड़े झुग्गी वाले इलाकों में 3 हजार से ज्यादा जासूस तैनात किए गए हैं। ये जासूस रातभर सड़कों पर दिखाई देंगे। कोई शराबी की तरह व्यवहार करेगा तो कोई भिखारी बनकर आने-जाने वालों पर नजर रखेगा।
रात 12 से सुबह 4 बजे तक ये जासूस सबसे ज्यादा सतर्क रहेंगे, क्योंकि यही वह वक्त होता है जब रात के अंधेरे का फायदा उठाकर लोगों को तरह-तरह के प्रलोभन देने का प्रयास किया जाता है। दिल्ली पुलिस के एक विशेष विभाग को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। दिल्ली के 11 जिला प्रशासनों की ओर से बृहस्पतिवार की रात सभी जासूस अपने-अपने क्षेत्रों में रवाना भी हो चुके हैं।
सूत्रों की मानें तो अगर इलाकों में शराब, नशा, कैश, लैपटॉप, आभूषण, साड़ी और कूकर इत्यादि का वितरण हुआ तो प्रत्याशी की खैर नहीं। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। यहां तक कि इनका चुनाव भी निरस्त हो सकता है।
दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रचार खत्म होने के बाद से मतदान के ठीक पहले तक अक्सर नेताओं के समर्थक अपने-अपने इलाकों में लोगों को कई तरह का सामान वितरित करते हैं, ताकि मतदान उनके पक्ष में ज्यादा हो सके। ये नियमों के एकदम खिलाफ है। चुनाव आयोग आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपट रहा है।
उन्होंने सभी सियासी दलों को पहले ही इस संबंध में चेतावनी निर्देश जारी कर दिए हैं, बावजूद इसके नियमों का उल्लंघन हुआ तो संबंधित प्रत्याशी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।