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चेन्नई मॉडल पर नोएडा में काम, बच्चों का भविष्य बनाने के लिए बनेगा पुलिस वॉयस क्लब

Fri, 12 Jul 2019 06:26 AM IST
देव कश्यप सुशांत समदर्शी, अमर उजाला, नोएडा
सुशांत समदर्शी, अमर उजाला, नोएडा Published by: देव कश्यप Updated Fri, 12 Jul 2019 06:26 AM IST
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Police Voice Club will be built to make future of children
यूपी पुलिस

पारिवारिक कलह के कारण पढ़ाई नहीं कर पाने व स्लम में रहने वाले बच्चों का बेहतर भविष्य बनाने के लिए जल्द ही नोएडा में पुलिस वॉयस क्लब बनेगा। एचसीएल फाउंडेशन की तरफ से क्लब का संचालन होगा और नोएडा पुलिस इसे संरक्षण देगी। इसके लिए एचसीएल फाउंडेशन व नोएडा पुलिस के बीच एमओयू होगा।

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दरअसल, नोएडा के स्लम एरिया में रहने वाले सैकड़ों बच्चे पढ़ाई नहीं करते हैं। उन्हें न ही पढ़ाई का माहौल मिलता है। सैकड़ों बच्चे घर में पारिवारिक कलह के कारण पढ़ाई से अलग हटकर अपराध की तरफ चले जाते हैं। ऐसे बच्चों के लिए नोएडा में पुलिस वॉयस क्लब बनाया जाएगा। इसमें स्लम के आसपास एक सेफ स्पेस होगा, जहां बच्चों के पढ़ने से लेकर खेलने कूदने की व्यवस्था होगी। इस सेफ स्पेस में पुलिस की निगरानी होगी, ताकि वहां सुरक्षा व अनुशासन बना रहे। बुधवार को एचसीएल फाउंडेशन की मेहा तिवारी ने एसपी क्राइम अशोक कुमार सिंह से इस संबंध में बातचीत की और पुलिस वॉयस क्लब के बारे में जानकारी दी। नोएडा पुलिस भी इस क्लब के लिए तैयार है। उच्च अधिकारियों की हरी झंडी मिलते ही पूरा मसौदा तैयार हो जाएगा।
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चेन्नई मॉडल पर नोएडा में काम
नोएडा में चेन्नई की तर्ज पर पुलिस वॉयस क्लब बनेगा। कई सालों से चेन्नई के स्लम में यह चल रहा है। इसके परिणाम भी अच्छे आए हैं। एचसीएल फाउंडेशन की तरफ से बताया गया कि नोएडा पुलिस की एक टीम को चेन्नई ले जाया जाएगा। यह टीम चेन्नई मॉडल का अध्ययन करेगी और उसके मुताबिक नोएडा में योजना को लागू किया जाएगा।

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अपराध का ग्राफ कम होगा

अगर यह मॉडल नोएडा में शुरू होगा तो अपराध का ग्राफ भी कम होगा। स्लम में रहने वाले बच्चों को पढ़ाई का माहौल मिल नहीं पाता है। इस कारण ऐसे बच्चे कम उम्र से ही अपराध की तरफ चले जाते हैं। ये बच्चे बड़े होने बड़े अपराध करते हैं। 

ऐसे अपराध में लिप्त हैं बच्चे
स्लम के बच्चे पढ़ाई-लिखाई नहीं होने व अच्छा माहौल नहीं मिलने से नशा करने लगते हैं। नशे की आदत में पड़ने के बाद उन्हें पैसों की जरूरत होती है। इसके लिए वह चोरी, लूट व स्नेचिंग की वारदात अंजाम देते हैं। इस योजना से बच्चों के भविष्य को बेहतर किया जा सकता है। पढ़ाई करने के बाद बच्चों का आर्थिक पुनर्वास भी आसानी से होगा।

एसपी क्राइम अशोक कुमार सिंह ने बताया कि, पुलिस वॉयस क्लब का मॉडल अच्छा है। एचसीएल फाउंडेशन की तरफ से इस बारे में बातचीत हो रही है। उच्च अधिकारियों से बातचीत के बाद इस मॉडल को नोएडा में लागू किया जाएगा। इससे बाल अपराध में भी कमी आएगी।

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