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Delhi : 32 लाख की तिजोरी ले जाने की कॉल से फंसी पुलिस, कई वर्दी वालों की भूमिका पर सवाल, और भी कई संदेह
Wed, 15 Nov 2023 03:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 15 Nov 2023 03:58 AM IST
सार
कॉल पूरे दक्षिण जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। पीसीआर कॉल होने के बाद एफआईआर दर्ज होने पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर...
- फोटो : pinterest
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विस्तार
32 लाख रुपये की तिजोरी ले जाने की पीसीआर कॉल से अंबेडकर नगर थाना पुलिस फंस गई है। कॉल पूरे दक्षिण जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। पीसीआर कॉल होने के बाद एफआईआर दर्ज होने पर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं, दक्षिण जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान इस बारे में बात करने से इंकार कर रहे हैं।
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दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अंबेडकर नगर थाने में तैनात पुलिसकर्मी सट्टेबाज व इलाके के घोषित बदमाश रूस्तम के ठिकाने पर छापा मारने गए थे। पहले तो पुलिसकर्मी खाली हाथ लौट आए। इसके बाद पुलिसकर्मी फिर ठिकाने पर गए और सुमित व अंकित समेत चार आरोपियों को रात 12 बजे पकड़कर ले आए। इसके बाद पता लगा कि रूस्तम की तिजोरी कहीं रखी हुई है।
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अंबेडकर नगर थाने में तैनात पुलिसकर्मी इस डिजिटल तिजोरी को उठा लाए। रूस्तम की एक जानकार महिला ने अगले दिन 11 बजे पीसीआर कॉल कर दी कि पुलिस वाले तिजोरी उठाकर ले गए हैं। पीसीआर वैन मौके पर पहुंची तो वैन में तैनात पुलिसकर्मियों ने फुटेज आदि देखकर हालात डिजिटल तिजोरी ले जाने की तस्दीक की। इसके बाद अंबेडकर नगर थाने में हलचल पैदा हो गई।
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जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अंबेडकर नगर थाने पहुंच गए। हालात देखकर व जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज किया गया। आरोपियों के पास से एक पिस्टल मिली है। सवाल इस बात पर उठ रहे हैं कि अगर सट्टेबाजों को रात में पकड़ा गया तो फिर कई घंटे बाद पर्चा क्यों दर्ज किया गया। पीसीआर कॉल होने के बाद एफआईआर क्यों दर्ज की गई। पहले मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया।
इसमें थानाध्यक्ष समेत थाने के नौ पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रूस्तम इलाके में सट्टा चला रहा था। इस कारण उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि रूस्तम ने अंबेडकर नगर थाने की सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखवाने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है। दूसरी तरफ हथियार मिलने के बावजूद गिरफ्तार चारों आरोपियों को कोर्ट ने अगले दिन ही जमानत दे दी। इस पर दिल्ली पुलिस की जांच पर सवाल उठ रहे हैं।