मामला सुलझा नहीं बल्कि शिप्रा की थ्योरी में उलझ कर रह गई पुलिस
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शिप्रा मामले की जांच के लिए दो दिनों से पुलिस टीम जयपुर में है, लेकिन शिप्रा वहां गई थी या नहीं यह प्रश्न अब भी पुलिस के लिए सवालिया निशान बना हुआ है। तमाम होटलों व खाटू श्याम आश्रम में भी पूछताछ की गई।
फोटो के जरिये शिप्रा की पहचान भी कराई जा रही है, लेकिन कोई अहम सुराग पुलिस को हाथ नहीं लगा। फिलहाल, पुलिस शिप्रा के बताए रास्तों की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
पुलिस का कहना है कि जब शिप्रा जयपुर गई तो वह सीधे नोएडा क्यों नहीं आई। हरियाणा पुलिस की थ्योरी भी अलग है। हरियाणा पुलिस को शिप्रा ने बयान दिया था कि उसका अपहरण किया गया था।
बच्चे की याद ने उसे वापस बुला लिया
इसके बाद उसे झज्जर के पास फेंका गया। लोगों की मदद से वह सुल्तानपुर के सरपंच के यहां पहुंची और पति को फोन किया। लेकिन, डीआईजी मेरठ को दिए गए बयान में शिप्रा ने कहा कि वह आर्थिक तंगी से परेशान होकर जयपुर स्थित आश्रम चली गई थी।
बच्चे की याद ने उसे वापस बुला लिया। पुलिस के मुताबिक बयान को पुख्ता करने के लिए एक इंस्पेक्टर व चार कांस्टेबल की एक टीम जयपुर में है। वह सीसीटीवी फुटेज व शिप्रा की फोटो के आधार पर जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले में कोई सुराग हाथ लगेगा।