बुलंदशहर बवाल: बच जाता सुमित तो बेनकाब हो जाता बवाल का मास्टरमाइंड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुलंदशहर बवाल में सुमित की जान बच जाती तो पूरी घटना का मास्टरमाइंड बेनकाब हो जाता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट बताती है कि 18 वर्षीय सुमित कुमार को बेहद नजदीक और सामने से गोली मारी गई। गोली दिल से एक सेंटीमीटर नीचे लगी और फेफड़ों को फाड़ती हुई चली गई। इससे अत्यधिक रक्त बहा और शरीर में खून की कमी होती गई। दिमाग तक खून न पहुंचने के कारण ब्रेन हेमरेज होने से सुमित की जान चली गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट बताती है कि 1.1 गुना 1.4 सेंटीमीटर चौड़ी बुलेट ने सीने के दाएं हिस्से की हड्डियों को तोड़ा। उसके बाद बुलेट बाएं फेफड़ों में धंसते हुए बड़ा सर्किल बनाते हुए शरीर में घुसी, जिससे शरीर के अन्य हिस्सों को बहुत नुकसान पहुंचा।
शरीर के अंदर बुलेट की पोजिशन से आशंका जताई गई कि गोली बेहद नजदीक से चलाई गई, लेकिन हड्डी से टकराने के कारण उसका डायरेक्शन बदल गया। इसी कारण शरीर के अंदरूनी हिस्से को खासा नुकसान पहुंचा।
पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने बुलेट की शरीर में एंट्री से लेकर अंतिम पोजिशन तक पूरा ब्यौरा लिखा है। इससे साफ है कि जिस भी शख्स ने सुमित पर गोली चलाई, वो बेहद नजदीक था और सुमित का चेहरा उसके बिल्कुल सामने था। ऐसे में सुमित की जान बचती तो शायद बवाल के असल मास्टरमाइंड का चेहरा बेनकाब हो जाता।
आशंका यह भी जताई जा रही है कि इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह व सुमित कुमार को एक ही हथियार से निशाना बनाया गया। इसके लिए पुलिस बुलेट की अलग से जांच करा रही है, जिससे मास्टरमाइंड को पकड़ा जा सके।