{"_id":"b15975bfc3f399de5354d55d6c7655fb","slug":"police-arrested-vicky-prize-escaped-from-custody-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस कस्टडी से फरार इनामी विक्की गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस कस्टडी से फरार इनामी विक्की गिरफ्तार
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 08 Mar 2015 01:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्राइम ब्रांच ने पांच हजार के इनामी विक्रांत उर्फ विक्की को गिरफ्तार कर लिया है। वह पांच विरोधियों की हत्या करने के लिए पुलिस कस्टडी से भागा था। पुलिस को चकमा देने के लिए प्लेन में घूमता था।
विज्ञापन
इस पर 50 हजार का इनाम रह चुका है। पिछले साल वह आगरा में एक्सप्रेस ट्रेन की चेन पुलिंग कर हथकड़ी समेत तब भाग गया था, जब मेरठ पुलिस मध्यप्रदेश की अदालत में उसे पेश कर लौट रही थी।
विज्ञापन
इससे देसी कारबाइन, एक मैगजीन और कार बरामद की है। इस पर हत्या, लूट और जानलेवा हमले आदि के 16 केस चल रहे हैं। इसका पांच हजार का इनामी साथी पुलिस को चकमा देकर भाग गया।
विज्ञापन
एसपी सिटी अजय पाल ने बताया कि विक्की बागपत के खेकड़ा थाना क्षेत्र के सुनहेडा का है। क्राइम ब्रांच प्रभारी आरपी शर्मा की टीम ने इंदिरापुरम में अटल चौक के पास से एक सूचना पर उसे दबोचा।
इसका साथी तरुण शर्मा निवासी लोनी भाग गया। उस पर भी बागपत से पांच हजार का इनाम है। इसके गैंग में 15 साथी हैं। एक सदस्य की मौत हो चुकी है।
शाहगंज आगरा में पुलिस कस्टडी से भागने के मामले में विक्की पर पांच हजार का इनाम था। विक्की बागपत से नीटू काठा हत्याकांड में जेल गया था। उसी दौरान जेल से मध्यप्रदेश शाजपुर कोर्ट में डकैती के पुराने मामले में षड्यंत्र के केस में पेशी पर गया था।
एसपी सिटी ने बताया कि विक्की अपने विरोधी बागपत के प्रवीन प्रधान बंदपुर, कमलजीत उर्फ भूरा निवासी काठा, सौदान निवासी काठा, कमलजीत उर्फ पिंकी निवासी दौराला और मनोज उर्फ नीटू की बहन को मारने की साजिश कर रहा था। इसी के डर से प्रवीन को पुलिस गार्द मिली हुई थी।
ये थी हत्या कराने की प्लानिंग
क्राइम ब्रांच प्रभारी आरपी शर्मा ने बताया कि विक्की शूटरों से इनकी हत्या कराता। पुलिस को चकमा देने के लिए उसने 16-17 जनवरी, 15 फरवरी और दो मार्च को मुंबई, कोलकाता और फिर मुंबई में हवाई जहाज से यात्रा की थी।
क्योंकि यात्रा के दौरान सीआईएसएफ द्वारा चेकिंग की जाती है। सीसीटीवी फुटेज आते हैं, जो कि उसकी नामजदगी झूठी साबित करने में सहायक होते। इसने अपने साथियों से कहा था कि ‘जब मैं हवाई जहाज में रहूंगा, तुम हत्याएं कर देना।’
एलएलबी है विक्रांत उर्फ विक्की
विक्की के परिवार, उसके खुद के प्रोफाइल से कोई अंदाजा नहीं लगा सकता कि वह इतना बड़ा क्रिमिनल है। एसपी सिटी ने बताया कि उसके पिता इंटर कालेज में पीटीआई रहे हैं।
इसके परिवार में आईएएस और आईपीएस भी हैं। इसने सुभारती कालेज मेरठ से एलएलबी की है और आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए (इंटरप्रेन्योर) का डिप्लोमा किया है।
वर्ष 2004 में दिल्ली के जनकपुरी मार्केट में रेडिमेंट गारमेंट्स का शोरूम खोला था। बाद में वर्ष 2007 में साहिबाबाद में प्रॉपर्टी डीलिंग का आफिस शालीमार गार्डन में खोला था। इसने परिवारजन की पार्टनरशिप में एक इंस्टीट्यूट भी हरिद्वार में खोला हुआ है।
नाबालिग ही करने लगा था अपराध
विक्की वर्ष 1997 से अपराध की दुनिया में है, तब वह नाबालिग था। सबसे पहले खेकड़ा कालेज में झगड़े के केस में जेल गया था।
इसकेबाद दिल्ली विश्वविद्यालय में राजधानी कालेज के हॉस्टल में पंजाब के पांच लाख केइनामी बलविंदर और साढ़े तीन लाख के इनामी सत्यवीर आचार्य केसंपर्क में आया।
लग्जरी लाइफ और अपराध की दुनिया में मशहूर होने के लिए इसने बड़े अपराधियों के साथ गुड़गांव में 67 मुकदमों केगैंगस्टर धर्मवीर के आफिस में घुसकर हमला किया था।
धर्मवीर घायल हो गया था, जबकि उसके साथी वेदपाल की हत्या हो गई थी। नाबालिग होने की वजह से किसी ने विक्की पर शक नहीं किया था।
विक्की केसाथी बलविंदर, सत्यवीर, जयकुमार काला के पुलिस मुठभेड़ में मरने के बाद वर्ष 2005 में थाना बसंत कुंज में विक्की के पकड़े जाने पर धर्मवीर वाली घटना का खुलासा हुआ था।
ये वारदातें भी कीं
वर्ष 2006- बागपत में कालू प्रधान की गोली मारकर हत्या।
वर्ष 2009- दौराला में राजेश चौहान उर्फ भुजंगी की हत्या।
वर्ष 2009- साजपुर जिले में डकैती की वारदात की।
वर्ष 2013- बागपत में मनोज उर्फ नीटू की हत्या कर साथी कयूम की मौत का बदला लिया।
वर्ष 2013- साहिबाबाद में राजीव पर जानलेवा हमला किया।
वर्ष 2014- बागपत में प्रवीण चौधरी पर जानलेवा हमला किया।
साथी बदमाश
हरेंद्र, जसवीर उर्फ जस्सू, तरुण, हरेंद्र उर्फ बिट्टू, कमल उर्फ पिंकी, विकास उर्फ टिल्लू, नरेंद्र, राजेंद्र, प्रवीन, अरविंद, अजीत, मुकेश, निक्की, सोनू और फिरोज। ये बागपत, मेरठ, बुलंदशहर, आगरा और दिल्ली केहैं।