अच्छे दिनों की शुरूआत है मोदी का ये प्लान!
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‘अच्छे दिन आने वाले हैं’ स्लोगन की तर्ज पर मोदी सरकार ने सौर विद्युत ऊर्जा को अपनाने और पर्यावरण संरक्षण पर काम शुरू कर दिया है।
गुजरात मॉडल के दम पर चुनाव लड़ने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ये अहम योजना अब जल्द ही यूपी समेत 16 राज्यों में लोगों के घर रोशन करेगी।
सरकार जर्मन तकनीक से ‘रूफ टॉप सोलर पावर पॉलिसी’ योजना के जरिये देश में बिजली संकट दूर करेगी। इतना ही नहीं जरूरत से ज्यादा बिजली स्टेट ग्रिड को बेची जा सकती है।
गुजरात में चल रहा है प्रयोग
योजना पर बारीकी से अध्ययन के लिए मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रिन्यूएवल एनर्जी (एमएनआरई) ने बुधवार को 16 राज्यों के न्यू एंड रिन्यूएवल एनर्जी डेवेलपमेंट एजेंसी (नेडा) डायरेक्टर को जर्मनी भेजा है। जर्मनी 2006 से इस योजना पर काम कर रहा है।
इसके जरिए मकान की छत पर रूफ टॉप सोलर एनर्जी तकनीक के माध्यम से कोई भी व्यक्ति सौर ऊर्जा के जरिए बिजली पैदा कर सकता है।
रूफ टॉप पैनल से पैदा होने वाली बिजली इस्तेमाल से अधिक उत्पादन होने पर स्टेट ग्रिड को बेची सकती है। इसके लिए एक मीटर भी लगाया जाएगा, जिसके जरिए उत्पादन और खपत का हिसाब लगेगा। गुजरात में ये प्रयोग चल रहा है।
ऐसे बेची जा सकती है बिजली
बिजली उत्पादन के लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं होती, लेकिन बेचने के लिए यूपीपीसीएल से अनुमति लेनी होगी। कोई भी कंपनी प्रयोग से बची अतिरिक्त बिजली को ग्रिड को बेच सकता है।
इसके लिए ट्रांसमिशन की अलग से लाइन बनेगी और अलग से मीटर लगाकर मानीटरिंग की जाएगी।
एक्सईएन तकनीक एके आत्रे ने बताया कि एमओयू के अनुसार इसका भुगतान किया जाएगा। गाजियाबाद से कार्बन कांटीनेंटल कंपनी दूसरे श्रोत से रोजाना ग्रिड को 40 लाख यूनिट सप्लाई कर रही है।
एक महीने में बनेगी पॉलिसी
वरिष्ठ योजना अधिकारी नेडा डॉ. अनिल कुमार पांडे ने बताया कि रूफ टॉप सोलर एनर्जी की तकनीक के लिए यूपी नेडा के डायरेक्टर जर्मनी जा रहे हैं।
रूफ टॉप सोलर पावर पॉलिसी पर काम चल रहा है। एक महीने के अंदर पॉलिसी बन जाएगी। इसके जरिए हर व्यक्ति बिजली का उत्पादन कर पाएगा और स्टेट ग्रिड को बेच भी सकेगा।