सफदरजंगः प्रधानमंत्री मोदी 29 जून को सुपर स्पेशिएलिटी ब्लॉक करेंगे जनता को समर्पित
2013 से सफदरजंग अस्पताल में बन रहे सुपर स्पेशिएलिटी ब्लॉक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 जून को जनता के हवाले करने का निर्णय लिया है। इस फैसले ने एम्स के डॉक्टरों को बड़ा झटका दिया है। पिछले कुछ समय से यहां के डॉक्टर एम्स को ही ब्लॉक देने की मांग कर रहे थे।
बृहस्पतिवार को इसी क्रम में प्रधानमंत्री कार्यालय से सफदरजंग अस्पताल को ट्रायल के निर्देश भी दिए हैं, जिसके चलते सोमवार से करीब 800 बिस्तर वाले इस ब्लॉक में मरीजों को इलाज मिल सकेगा।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों से एम्स में लगातार बढ़ते मरीजों की वजह से वेटिंग पांच साल से भी ज्यादा पहुंची है। यहां मरीजों को उपचार कराना अब आसान नहीं रहा। बीते दिनों वेटिंग का मासूम बच्चों पर पड़ रहे असर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने सफदरजंग अस्पताल के इस सुपर स्पेशिएलिटी ब्लॉक को तत्काल शुरू करने और इसकी मदद से वेटिंग कम करने का निर्णय लिया है।
इस तरह मिलेगा मरीजों को फायदा
अभी तक एम्स-सफदरजंग में पर्याप्त बिस्तर न होने के चलते मरीजों को भर्ती करने में दिक्कतें होती थीं। लेकिन कुछ ही समय पहले शुरू हुए करीब 700 बिस्तर वाले इमरजेंसी के साथ अब सुपर स्पेशिएलिटी ब्लॉक के 800 बिस्तर भी मरीजों के लिए उपलब्ध होंगे। इसी के साथ ही सफदरजंग अस्पताल में करीब 2600 से ज्यादा बिस्तरों की क्षमता होगी। अनुमान है कि प्रतिदिन करीब 500 मरीजों को भर्ती करने की क्षमता में बढ़ोतरी होगी।
रोबोट करेगा मरीजों की सर्जरी
सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में सरकार ने रोबोट तकनीक से मरीजों का ऑपरेशन करने की सुविधा दी है। इसके अलावा मोबाइल सीटी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं भी होंगी। जोकि अब तक निजी अस्पतालों में हैं। करीब 807 बिस्तरों वाले इस ब्लॉक में आईसीयू के 125, प्राइवेट वार्ड के 206 और प्राइवेट वार्ड में आईसीयू बिस्तरों की संख्या 22 रहेगी। इनके अलावा यहां छह प्राइवेट ओटी और 14 सामान्य ओटी होंगे।
सुपर स्पेशिएलिटी ब्लॉक शुरू होने से हजारों मरीजों को फायदा होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मरीजों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस सुपर स्पेशिएलिटी ब्लॉक शुरू करने का फैसला लिया है। सोमवार से इसका ट्रायल होगा। जबकि 29 जून को पीएम मोदी इसका शुभारंभ करेंगे। -डॉ. राजेंद्र शर्मा, निदेशक, सफदरजंग अस्पताल