पिंकी आत्मदाह: 5 से शुरू होगी नई लड़ाई
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राजकीय महिला महाविद्यालय में बीएससी की छात्रा पिंकी चौहान के आत्मदाह का मामला अभी भी पुलिस के इर्दगिर्द ही घूम रहा है। एक महीने की जांच के बाद किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से सवाल खड़े हो रहे हैं।
वहीं, पुलिस की कार्रवाई से पिंकी के परिजन भी पूरी तरह असंतुष्ट हैं। उधर, इसे मामले में डीसीपी वेस्ट संगीता रानी का कहना है कि पुलिस की तफ्तीश में जिन प्रोफेसरों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, वे उस दिन कॉलेज में ही
बता दें कि 29 सितंबर को सेक्टर-14 राजकीय महिला महाविद्यालय में खराब परीक्षा परिणाम से आहत बीएससी सेकेंड ईयर की छात्रा पिंकी चौहान ने पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह की कोशिश की।
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में कॉलेज के कई प्रोफेसरों पर आत्मदाह के लिए उकसाने का आरोप लगाया। कई दिनों तक सफदरजंग अस्पताल में इलाज चलने के बाद उसकी मौत हो गई। एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है। वहीं प्रशासनिक स्तर पर डीसी ने अतिरिक्त जिला उपायुक्त को जांच की कमान सौंपी है।
इसकी अभी तक जांच अभी जारी है। इस पूरे मामले को करीब एक महीना बीत चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक कोई नतीजा सामने नहीं आया है। इसको लेकर पीड़िता के परिजन असंतोष जाहिर कर चुके हैं। नहीं थे। पूरे मामले की लगातार तफ्तीश की जा रही है।
तेज होगी पिंकी को इंसाफ दिलाने की लड़ाई
छात्रा पिंकी को इंसाफ दिलाने के लिए अब दिल्ली के जंतरमंतर पर 5 नवंबर को धरना दिया जाएगा। साथ ही हरियाणा के नए मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर मामले की न्यायिक जांच की मांग की जाएगी। यह फैसला पिंकी न्याय मंच और कासन छात्र संघर्ष समिति ने रविवार को सेक्टर-14 स्थित राजपूत वाटिका में हुई बैठक में लिया।
बैठक की अध्यक्षता भोंडसी गांव के प्रहलाद सिंह ने की। उन्होंने कहा कि 29 सितंबर को कॉलेज में हुए हंगामे के बाद छात्रा पिंकी ने आत्मदाह का प्रयास किया। अधिक जलने की वजह से कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई। इस मामले में प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। मौत से पहले पिंकी के बयान दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई। इसके चलते जंतरमंतर पर धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में छात्र संघर्ष समिति और पिंकी न्याय मंच ने अपनी मांग दोहराते हुए पिंकी मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज से कराने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की। इस मौके पर संजय राघव, गंगा राम, प्रवीण शर्मा, धर्मवीर सिंह, मान सिंह राघव, भूप सिंह, देवेंद्र सिंह, किशन सिंह, अजीत सिंह, रमेश शर्मा समेत कई गांवों के लोग मौजूद थे।
पीएम कार्यालय को सौंपेंगे ज्ञापन
प्रहलाद सिंह ने बताया कि 5 नवंबर को जंतरमंतर पर धरना देने के बाद गृह मंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय, मानव संसाधन मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास विभाग, महिला आयोग को ज्ञापन दिया जाएगा।
इसके बाद हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, नए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को ज्ञापन देकर न्याययिक जांच की मांग की जाएगी।
कई संगठनों का समर्थन
अभी तक छात्रा पिंकी के मामले से दूर रहने वाले एनएसयूआई भी पूरी तरह से समर्थन करने का वादा किया है। एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज का कहना है कि प्रशासन के रवैये के खिलाफ छात्र आंदोलन करेगी।
अगर जरूरत पड़ेगी तो छात्र रोड पर उतरकर पिंकी को इंसाफ दिलाएंगे। छात्र संगठन के अलावा जागरूक नागरिक मंच, निर्मला चाइल्ड एंड वूमेन वेलफेयर फाउंडेशन और राजपूत महासभा भी आंदोलन को समर्थन दे रही है।