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झटका: राकेश टिकैत के एलान से यूपी-दिल्ली-हरियाणा के लाखों लोगों की बढ़ी परेशानी, कहा था- नहीं छोड़ेगे बॉर्डर, जीतकर ही लौटेंगे
Mon, 06 Sep 2021 06:26 PM IST
सुशील कुमार कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Mon, 06 Sep 2021 06:26 PM IST
सार
राकेश टिकैत ने कहा कि हमने शपथ ली है कि मरते दम तक हम धरनास्थल से हटेंगे नहीं। भले ही वहां पर हमारी कब्र ही क्यों न बना दी जाए।
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भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ करीब नौ महीने से किसानों का प्रदर्शन जारी है। दिल्ली-एनसीआर के चारों बॉर्डर पर किसान आंदोलन कर रहे हैं। मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने जो एलान किया, उससे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को मुसीबत से छुटकारा मिलने वाला नहीं है। राकेश टिकैत के एलान के अनुसार, किसान आगे भी टीकरी, सिंघु, गाजीपुर और शाहजहांपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन करते रहेंगे। जिससे यूपी, हरियाणा और दिल्ली के लोगों की आवागमन की समस्या जस की तस बनी रहेगी।
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मुजफ्फरनगर की महापंचायत में राकेश टिकैत ने कहा कि हम पर बहुत से आरोप लगाए गए। नौ महीने से वहां पर हैं, पूरा संयुक्त मोर्चा दिल्ली बॉर्डर पर है, हम घर नहीं जाएंगे। उन्होंने गरजते हुए कहा कि मैदान में आए हैं, लेकिन मुजफ्फरनगर की जमीन पर पैर नहीं रखेंगे। गाड़ी से ही वापस जाएंगे, जब आंदोलन फतह होगा, देश की जीत होगी, तभी वापस आएंगे। उन्होंने कहा कि हमने शपथ ली है कि मरते दम तक हम धरनास्थल से हटेंगे नहीं। भले ही वहां पर हमारी कब्र ही क्यों न बना दी जाए।
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टिकैत ने कहा कि 28 तारीख को भी याद कर लेना, उस रात को कोई नहीं बचना था। आंदोलन का कत्लेआम होना था, कोई नहीं बचना था। आठ हजार की संख्या में पहुंची पुलिस की आंदोलन पर कब्जा करने की नीयत थी। लेकिन जब देश की जनता साथ में खड़ी हुई तो आंदोलन बचा। ये सरकारें अगर हमारी कब्रगाह वहां बनाएंगी, तब भी हम गाजीपुर बॉर्डर नहीं छोड़ेगे। आंदोलन जीतकर आएंगे, तभी वापस आएंगे। इस तरह की सरकारें देश में दंगे करवाने का काम करेंगी।
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बता दें कि कृषि कानूनों के खिलाफ 27 नवंबर से किसानों का धरना प्रदर्शन चल रहा है। इसके चलते दिल्ली, यूपी और हरियाणा के लोग काफी परेशान हैं। टीकरी और सिंघु बार्डर पर किसानों ने कई रास्ते रोक दिए हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। सैकड़ों लोगों के रोजगार छिन चुके हैं। वहीं आंदोलन को और तेज करने के लिए किसान 25 सितंबर को एक दिवसीय भारत बंद का आह्वान किया है।