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'25 साल से यहां रह रही हूं': यमुना खादर में झुग्गियां खाली कर रहे लोग, एक्शन से पहले लोगों ने बताया अपना दर्द
Tue, 04 Mar 2025 01:04 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 04 Mar 2025 01:04 PM IST
सार
राजधानी दिल्ली में एक बार फिर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई होने जा रही है। बुलडोजर एक्शन से पहले ही यमुना खादर इलाके में लोग अपनी-अपनी झुग्गियां खाली कर रहे हैं।
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झुग्गियां खाली कर रहे लोग
- फोटो : एएनआई
विस्तार
राजधानी दिल्ली के यमुना खादर इलाके में झुग्गियों को हटाने का अभियान चलने जा रहा है। उससे पहले ही लोग अपनी झुग्गियां खाली कर रहे हैं। झुग्गी में रहने वाली एक महिला पूजा ने बताया कि मैं पिछले 25 सालों से यहां रह रही हूं। हमें मकान ढहाने का नोटिस मिला है। हम खुद ही झुग्गी खाली कर रहे हैं, क्योंकि हम नहीं चाहते कि हमारे सामान को नुकसान पहुंचे। हमें पुलिस से अपना सामान खाली करने के लिए फोन आया है।
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#WATCH | Delhi: People vacate their jhuggis in Yamuna Khadar area ahead of demolition drive pic.twitter.com/NxIqN9Hk1w
— ANI (@ANI) March 4, 2025विज्ञापन
हाईकोर्ट ने नर्सरी उखाड़ने के खिलाफ याचिका की खारिज
उच्च न्यायालय ने नर्सरी कल्याण एसोसिएशन द्वारा नर्सरी उखाड़ने के मामले में दायर याचिका को खारिज कर दिया है। मामले में दिल्ली-2021 के मास्टर प्लान के जोन ‘ओ’ यानी यमुना बाढ़ के मैदान में आने वाले यमुना खादर के क्षेत्र में काम करने वाली नर्सरी कल्याण एसोसिएशन ने याचिका दायर की थी।
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उच्च न्यायालय ने कहा है कि राजधानी में यमुना नदी का जलस्तर सीमा पार कर चुका है और इसके पुनरुद्धार और कायाकल्प में किसी भी तरह का हस्तक्षेप उचित नहीं है। न्यायमूर्ति धर्मेश शर्मा ने कहा कि यमुना नदी की वर्तमान स्थिति उस सीमा को पार कर गई है, जहां इसके कायाकल्प और बहाली के प्रयासों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप चाहे वह मानवीय या सहानुभूतिपूर्ण विचारों की आड़ में हो उचित नहीं ठहराया जा सकता।
एसोसिएशन डीडीए की तरफ से उनकी नर्सरियों को उखाड़ने और बुलडोजर से सभी वृक्षारोपण को नष्ट करने की कार्रवाई से व्यथित थी। उसका कहना था कि यह कार्य नियमविरुद्ध तरीके से किया गया।