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अब फेसबुक ट्विटर से वोट मांगेंगे नेताजी

Fri, 07 Mar 2014 11:25 AM IST
Updated Fri, 07 Mar 2014 11:25 AM IST
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Parties will campaign for elections on social media

लोकसभा चुनाव में इस बार साइबर तंत्र प्रचार का सबसे बड़ा हथियार होगा।

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पहले के चुनावों में भी इसका इस्तेमाल होता रहा है, पर इतने बड़े पैमाने पर नहीं।

चुनाव की घोषणा से पहले ही सभी राजनीतिक दल इस दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं। अब इसे और धार देने की तैयारी है। भाजपा, आप और कांग्रेस इसमें सबसे आगे हैं।

साइबर सिटी ही नहीं, देशभर में विरोधियों को पस्त करने के लिए साइबर वार शुरू हो गई है।

आईटी विशेषज्ञों की ली जा रही है मदद

Parties will campaign for elections on social media

साइबर सिटी ही नहीं, देशभर में विरोधियों को पस्त करने के लिए साइबर वार शुरू हो गई है।

इसके लिए आईटी विशेषज्ञों और वालंटियरों की अच्छी-खासी फौज खड़ी की जा रही है। आईटी-बीपीओ हब गुड़गांव के युवाओं की राजनीतिक दलों में खूब मांग है।

यहां के करीब 20 हजार तकनीकी विशेषज्ञ दलों के साइबर प्रचार की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। हालांकि ये खुद को स्वयंसेवी करार देते हैं।

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भाजपा है सबसे आगे

Parties will campaign for elections on social media

भाजपा के प्रदेश प्रचार प्रभारी उमेश अग्रवाल ने कहा कि फेसबुक, ट्विटर, वाट्सएप के माध्यम से पार्टी और प्रत्याशी का प्रचार किया जाएगा।

विरोधी पार्टियों के आरोपों-प्रत्यारोपों का जवाब भी इसी प्लेटफार्म से दिया जाएगा। भाजपा की ओर से साइबर टीम गठित करने का काम चल रहा है।

जल्द ही सोशल मीडिया सेल, वाइस कॉल सेल और एसएमएस सेल तैयार होंगी। स्वयंसेवी के रूप में आईटी के जानकार बड़ी संख्या में पार्टी से जुड़ रहे हैं।

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युवा वोटरों पर है निशाना

Parties will campaign for elections on social media

एक आईटी कंपनी की अधिकारी रितु राठौर का कहना है कि गुड़गांव और हरियाणा ही नहीं, पूरे देश में युवा वोटरों की तादाद 60 प्रतिशत से अधिक है।

इसमें से 58 प्रतिशत मोबाइल, फेसबुक, ट्विटर और वाट्सएप का प्रयोग कर रहे हैं। इन तक पहुंचने का यही सबसे सस्ता और आसान विकल्प है।

वहीं भाजपा कम्युनिकेशन सेल से जुड़े आईटी कंसलटेंट अरुण बंसल का कहना है कि गुड़गांव के 17.8 लाख मतदाताओं में से 50 प्रतिशत सोशल मीडिया फेंडली हैं।

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