दिल्ली से सूरत एक साल में पहुंचा पार्सल
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पार्सल की डिलीवरी में देरी के मामले में उत्तरपूर्वी दिल्ली उपभोक्ता फोरम ने डीटीडीसी कूरियर कंपनी से 61 हजार रुपये हर्जाना शिकायतकर्ता को देने को कहा है।
कंपनी को सेवा में कोताही का जिम्मेदार मानते हुए फोरम ने 18 जून को यह फैसला सुनाया। फोरम के अध्यक्ष एनके गोयल ने कहा कि कूरियर कंपनी से ग्राहकों को त्वरित सेवा देने की उम्मीद की जाती है।
लेकिन कंपनी ने किताबों का पार्सल दिल्ली से सूरत पहुंचाने में एक साल से ज्यादा का समय लगा दिया। अगर पार्सल रिक्शे से भेजा जाता तो सूरत पहुंचने में 75 से 90 दिनों से ज्यादा समय नहीं लगता।
32 हजार से ज्यादा की थी किताबें
पेश मामले के अनुसार सिंडीकेट बुक्स ने 22 मई 2010 को इंजीनियरिंग की किताबों का एक पार्सल डीटीडीसी के पास बुक कराया था। पार्सल में एक लाख 32 हजार रुपये से ज्यादा की किताबें थीं।
यह पार्सल सूरत भेजा जाना था, लेकिन यह पार्सल गलती से पहले अहमदाबाद, फिर राजकोट और उसके बाद मद्रास भेज दिया गया। अंत में यह पार्सल 31 मई 2011 को सूरत पहुंचाया गया।
सिंडीकेट बुक्स ने पार्सल की डिलीवरी में देरी पर कूरियर कंपनी से 1.90 लाख रुपये हर्जाना दिलाने के लिए फोरम में शिकायत दायर की थी।