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तावडू को गुड़गांव में मिलाने को लेकर नहीं हो पाई पंचायत
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Tue, 03 May 2016 11:42 AM IST
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गुड़गांव
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तावडू को जिला गुड़गांव में मिलाने को लेकर सोमवार को होने वानी चौरासी के गण्यमान्य लोगों की बैठक भाजपा पार्टी की आपसी गुटबाजी के चलते नहीं हो सकी। बैठक के नहीं होने से पार्टी का एक गुट जहां उदासीन नजर आ रहा है, वहीं दूसरा गुट इससे काफी खुश बताया जा रहा है।
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बता दे की गत 27 अप्रैल को नई अनाज मंडी के किसान भवन में भाजपा पार्टी के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों की तावडू को जिला गुड़गांवा में मिलाए जाने को लेकर एक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में तावडू मंडल के अध्यक्ष सहित कुछ पदाधिकारी नदारद रहे। वहीं बैठक में पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी दो गुटों में बटे नजर आये।
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जिन्होंने अपनी ही सरकार पर क्षेत्र के साथ खुले तौर पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। बैठक में काफी गहमा गहमी के बाद उपस्थित लोगों ने 2 मई को नगर की पुरानी अनाज मंडी में स्थित अग्रवाल धर्मशाला में सर्वसमति से एक चौरासी के लोगों की पंचायत बुलाने का फैंसला लिया।
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पंचायत को सफल बनाने के लिए आयोजकों ने गांव गांव गली मौहल्लों में लोगों से डोर टू डोर सम्पर्क कर आर पार की लड़ाई का ऐलान किया जा रहा था। जब क्षेत्रिय विधायक को इस रणनिति की भनक लगी तो उन्होंने गत शनिवार को अक्समात देर सायं स्थानीय किसान विश्राम गृह में पहुंच पदाधिकारियों के साथ एक बैठक कर तावडू को जिला गुड़गांव में मिलाने के लिए रविवार को गुड़गांव में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में एक प्रतिनिधि मंडल की सीएम के सम्मुख बात कराकर मांग रखने का भरोसा दिलाते हुए पंचायत को निरस्त करने की अपील की।
इसके बाद पार्टी के एक गुट न इस बैठक को नहीं होने को लेकर एक रणनिति के तहत काम करते हुए चौरासी की पंचायत को निरस्त करने में अपनी अहम भूमिका निभाई है। जबकि दूसरा गुट पंचायत नहीं होने से बेहद खफा है। जिनका कहना है की कुछ चापलूस लोग पार्टी का बेडागर्क करने पर तुले हे और वह नहीं चाहते की तावडू जिला गुड़गांव का हिस्सा बने।
काबिलेगौर है की तावडू को जिला गुड़गांव में मिलाने के लिए क्षेत्र के लोग मेवात जिला गठन के बाद से ही मांग करते आ रहे है। भाजपा पार्टी के दिगज नेताओं ने क्षेत्र में अपने चुनावी दौरे के दौरान सत्ता में आने पर तावडू को जिला गुड़गांव में मिलाने का भरोसा दिलाया था। अब मांग पूरा नहीं होने की वजह से क्षेत्र के लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ रही है । जब इस बारे में सोहना विधायक से संपर्क करने का प्रयास किया तो उनके मोबाईल पर घंटी बजती रहीं लेकिन जवाब नहीं मिल पाया।