फरीदाबाद: एक वैन में 17 स्कूली बच्चों को ठूंस कर जा रहा था चालक, पुलिस ने किया चालान
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जिस वैन में आठ लोगों के बैठने की क्षमता है, फरीदाबाद में चालक ने उसमें दोगुने से अधिक स्कूली बच्चे बिठा रखे थे। पुलिस भी देखकर हैरान थी कि कैसे ये बच्चे सफर कर रहे हैं। एक तो चालक ने क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया हुआ था, साथ ही उसके पास वैन के दस्तावेज भी नहीं थे।
चेकिंग के दौरान यातायात पुलिस ने वैन को जब्त कर उसमें सवार बच्चों को ऑटो से घर छुड़वाया। मालूम हो कि फरीदाबाद सेक्टर-13 में मंगलवार को स्कूल वैन हादसे में एक छात्रा की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से पुलिस इस मामले को लेकर एक्शन में आ गई है।
इसी दौरान यातायात पुलिस ने बुधवार को वैन चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। अभियान के तहत यातायात पुलिस ने स्कूलों के आसपास और चौक चौराहों पर स्कूली बच्चों को लेकर जा रही वैन, स्कूल बस व ऑटो के 139 चालान किए।
न लाइसेंस और न दस्तावेज
इसी दौरान बीके चौक पर चेकिंग करते वक्त उक्त वैन को देख कर पुलिस भी हैरान रह गई। सीएनजी सिलेंडर पर भी बच्चे बैठे हुए थे। वैन में ठूस-ठूसकर बिठाए गए बच्चों का दोपहर की गर्मी से बुरा हाल था। इनमें कई बच्चे तो काफी छोटे थे, जो गर्मी के कारण काफी परेशान दिखे।
उससे भी ज्यादा पुलिस को हैरत तब हुई जब चालक के पास से न तो वैन के दस्तावेज मिले और न ही लाइसेंस। पुलिस ने वैन को जब्त कर लिया और उसमें सवार बच्चों को दो ऑटो में बिठाकर उनके घर छुड़वाया। बच्चों के घर का रास्ता बताने के लिए वैन चालक को भी साथ भेजा गया और सुरक्षा के लिहाज से दोनों ऑटो में एक-एक होमगार्ड भी बिठाया गया।
"मरवाएगा के, मीडिया वाले खड़े हैं, कुछ न सुनूं मैं"
चेकिंग अभियान के दौरान वैन चालक पहले तो पुलिसकर्मी के समक्ष हाथ पैर जोड़ते दिखे। मगर जब बात नहीं बनी तो हर कोई किसी न किसी से उनसे फोन पर बात करने के लिए कह रहा था। एक चौक पर तो वैन चालक ने किसी पुलिसकर्मी का नाम लेते हुए कहा कि वे बात करना चाहते हैं, मगर पुलिसकर्मी ने कोई बात करने से इंकार कर दिया। हालांकि दूसरे ही पल पुलिसकर्मी ने फोन लेकर कहा कि ‘मरवाएगा के, मीडिया वाले खड़े हैं, कुछ न सुनूं मैं’ और फोन लौटा दिया। पुलिसकर्मी ने वैन चालक का चालान करके उसे रवाना किया।
100 रुपये के चालान से नहीं डरता कोई
लचर कानून होने के कारण वैन चालक पुलिस की कार्रवाई से नहीं डरते हैं। जांच के दौरान एक पुलिसकर्मी ने बताया कि क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने का पहली बार चालान 100 रुपये है और दूसरी बार 400 रुपये है। ऐसे में कोई भी वैन चालक कार्रवाई से नहीं डरता है। उन्होंने कहा कि शायद नए यातायात कानून और जुर्माने के प्रावधान से लोगों में डर बैठेगा और उल्लंघन करने के मामलों में कमी आएगी।
अभिभावक भी समझें जिम्मेदारी
पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा, मगर चालान की कार्रवाई से ज्यादा अभिभावकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। जिस वैन में 17 बच्चे बैठकर जा रहे हैं, क्या उनके अभिभावकों को नहीं पता होगा कि उनका बच्चा किस हाल में आता है। ऐसे में वे उसे स्कूल बस या फिर दूसरी वैन में भी भेज सकते हैं।