{"_id":"a1990cc54c1d1a1aedb3c0dbd01ce414","slug":"only-young-voters-pressed-nota-button","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिर्फ युवाओं को ही भाया NOTA का विकल्प","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिर्फ युवाओं को ही भाया NOTA का विकल्प
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Fri, 11 Apr 2014 03:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चुनाव आयोग ने मतदाताओं को पहली बार नोटा (नॉट ऑफ द एबव) की सुविधा दी है। नोटा ईवीएम का अंतिम विकल्प है। इस विकल्प को लेकर युवाओं में अच्छी खासी चर्चा रही। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि युवाओं ने इसका प्रयोग जरूर किया होगा।
विज्ञापन
गुड़गांव लोकसभा क्षेत्र में 22 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इसमें कांग्रेस, भाजपा, इनेलो, बसपा और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों के अलावा 13 निर्दलीय प्रत्याशी भी हैं।
विज्ञापन
भाजपा और इनेलो के जो उम्मीदवार मैदान में हैं, वह पहले भी चुनावी दंगल में उतर चुके हैं। शहरी क्षेत्र के युवा मतदाताओं को चुनाव ड्यूटी में लगे लोगों से नोटा बटन के बारे में पूछताछ करते हुए देखा गया। वह पूछ रहे थे कि क्या नोटा पर पड़े मतों की गिनती होगी।
विज्ञापन
कई ऐसे मतदाता थे जिन्हें कोई भी उम्मीदवार पसंद नहीं आ रहा था। उन्होंने नोटा का प्रयोग किया है। डीएलएफ फेज-1 के सामुदायिक भवन में वोट डालने पहुंचे अभिनव और संगत ने बताया कि वह नोटा का प्रयोग करने जा रहे हैं।
क्योंकि उन्हें कोई ऐसा उम्मीदवार नहीं दिख रहा है जो उनकी नजर में वोट के काबिल हैं। नोटा के बारे में बुजुर्गों और महिलाओं से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जब वह वोट डालने के लिए बूथ तक आए हैं तो नोटा का प्रयोग कर अपने मत को बेकार क्यों करेंगे। अगर किसी को वोट नहीं देना होता तो घर पर ही बैठे रहते।