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Delhi NCR News: प्याज ने फिर बिगाड़ा रसोई का बजट, 65 रुपये किलो तक पहुंचा भाव
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-थाली का स्वाद बढ़ाने वाला प्याज अब जेब पर भारी, त्योहारों से पहले और बढ़ सकती है कीमत
-राष्ट्रीय औसत 45 प्रतिशत बढ़ा, लासलगांव में थोक भाव एक महीने में 76 प्रतिशत उछला
- सरकार बफर स्टॉक रिलीज करेगी
सनी सिंह
नई दिल्ली।
दिल्ली में प्याज की खुदरा कीमत 65 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। महंगे प्याज का असर ग्राहकों की खरीदारी पर दिखने लगा है। महाराष्ट्र से आवक घटने, प्याज की बुवाई में देरी और त्योहारों से पहले बढ़ती मांग ने कीमतों पर और दबाव बढ़ा दिया है।
उपभोक्ता मामले विभाग के आंकड़ों के अनुसार चेन्नई में भी प्याज करीब 58 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। देश के प्रमुख प्याज व्यापार केंद्र लासलगांव में थोक भाव एक महीने में करीब 76 प्रतिशत उछलकर 3,700-3,800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। जुलाई में यहां भाव करीब 2,050 रुपये प्रति क्विंटल था।एनएएफईडी और एनसीसीएफ ने इस वित्त वर्ष में अब तक करीब 1.2 लाख टन प्याज की खरीद की है। खरीद मूल्य को मई में 1,270 रुपये प्रति क्विंटल से शुरू करके सात बार बढ़ाकर 2,645 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचाया जा चुका है।
गाजीपुर मंडी,आजादपुर मंडी, आखला मंडी समेत दिल्ली की सभी मंडियों और स्थानीय सब्जी बाजारों में प्याज की मांग और सप्लाई में असंतुलन दिख रहा है। थोक विक्रेताओं का कहना है कि महाराष्ट्र से आने वाली खेपों में कमी आई है, जबकि त्योहारों से पहले घरेलू मांग बढ़ रही है। कई खुदरा विक्रेताओं ने बताया कि ग्राहक अब 1-2 किलो प्याज ही खरीद रहे हैं, जबकि पहले 4-5 किलोग्राम तक ले जाते थे।
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कीमत बढ़ने की वजहें
- बारिश होने के कारण
- खरीफ प्याज की बुवाई में देरी (अनिश्चित मानसून के चलते)
- सरकारी खरीद का लक्ष्य से काफी कम रहना (अब तक लगभग 1.2 लाख टन ही खरीद, जबकि लक्ष्य 2 लाख टन था)
-- --
कोट
-नई खरीफ फसल मध्य अक्तूबर तक बाजार में आने की उम्मीद है। तब तक कीमतों में नरमी के आसार कम हैं। दिल्ली जैसे बड़े उपभोक्ता केंद्रों में कांदा एक्सप्रेस से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने से दबाव बना रह सकता है।
-मुकेश धींगरा, गाजीपुर मंडी
-सरकार नाशिक स्थित बफर स्टॉक से प्याज को रेल के जरिए दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी भेजने जा रही है। कांदा एक्सप्रेस सोमवार से शुरू की गई है। किसानों और सरकारी एजेंसियों दोनों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
-निधि खरे, उपभोक्ता मामले की सचिव
-2025-26 में प्याज उत्पादन लगभग 30.737 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 30.767 मिलियन टन के लगभग बराबर है।
-कृषि मंत्रालय
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-- बॉक्स--
दिल्ली में प्याज की कीमत
- रिटेल: 65 रुपये प्रति किलो
- एक साल पहले: 35 रुपये प्रति किलो
- राष्ट्रीय औसत: 42 रुपये प्रति किलो
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-राष्ट्रीय औसत 45 प्रतिशत बढ़ा, लासलगांव में थोक भाव एक महीने में 76 प्रतिशत उछला
- सरकार बफर स्टॉक रिलीज करेगी
सनी सिंह
नई दिल्ली।
दिल्ली में प्याज की खुदरा कीमत 65 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। महंगे प्याज का असर ग्राहकों की खरीदारी पर दिखने लगा है। महाराष्ट्र से आवक घटने, प्याज की बुवाई में देरी और त्योहारों से पहले बढ़ती मांग ने कीमतों पर और दबाव बढ़ा दिया है।
उपभोक्ता मामले विभाग के आंकड़ों के अनुसार चेन्नई में भी प्याज करीब 58 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। देश के प्रमुख प्याज व्यापार केंद्र लासलगांव में थोक भाव एक महीने में करीब 76 प्रतिशत उछलकर 3,700-3,800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। जुलाई में यहां भाव करीब 2,050 रुपये प्रति क्विंटल था।एनएएफईडी और एनसीसीएफ ने इस वित्त वर्ष में अब तक करीब 1.2 लाख टन प्याज की खरीद की है। खरीद मूल्य को मई में 1,270 रुपये प्रति क्विंटल से शुरू करके सात बार बढ़ाकर 2,645 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचाया जा चुका है।
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गाजीपुर मंडी,आजादपुर मंडी, आखला मंडी समेत दिल्ली की सभी मंडियों और स्थानीय सब्जी बाजारों में प्याज की मांग और सप्लाई में असंतुलन दिख रहा है। थोक विक्रेताओं का कहना है कि महाराष्ट्र से आने वाली खेपों में कमी आई है, जबकि त्योहारों से पहले घरेलू मांग बढ़ रही है। कई खुदरा विक्रेताओं ने बताया कि ग्राहक अब 1-2 किलो प्याज ही खरीद रहे हैं, जबकि पहले 4-5 किलोग्राम तक ले जाते थे।
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कीमत बढ़ने की वजहें
- बारिश होने के कारण
- खरीफ प्याज की बुवाई में देरी (अनिश्चित मानसून के चलते)
- सरकारी खरीद का लक्ष्य से काफी कम रहना (अब तक लगभग 1.2 लाख टन ही खरीद, जबकि लक्ष्य 2 लाख टन था)
कोट
-नई खरीफ फसल मध्य अक्तूबर तक बाजार में आने की उम्मीद है। तब तक कीमतों में नरमी के आसार कम हैं। दिल्ली जैसे बड़े उपभोक्ता केंद्रों में कांदा एक्सप्रेस से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने से दबाव बना रह सकता है।
-मुकेश धींगरा, गाजीपुर मंडी
-सरकार नाशिक स्थित बफर स्टॉक से प्याज को रेल के जरिए दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी भेजने जा रही है। कांदा एक्सप्रेस सोमवार से शुरू की गई है। किसानों और सरकारी एजेंसियों दोनों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
-निधि खरे, उपभोक्ता मामले की सचिव
-2025-26 में प्याज उत्पादन लगभग 30.737 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 30.767 मिलियन टन के लगभग बराबर है।
-कृषि मंत्रालय
दिल्ली में प्याज की कीमत
- रिटेल: 65 रुपये प्रति किलो
- एक साल पहले: 35 रुपये प्रति किलो
- राष्ट्रीय औसत: 42 रुपये प्रति किलो