{"_id":"89bdd90e26f568d597c4c736f767b8a7","slug":"one-more-child-died-by-diarrhea-hindi-news-bm","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रेनो: एक और बच्चे की मौत, डायरिया की संभावना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रेनो: एक और बच्चे की मौत, डायरिया की संभावना
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Updated Thu, 21 Aug 2014 01:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रेटर नोएडा में बीरमपुर के नजदीकी गांव साबौता में बुधवार को डायरिया से एक बच्चे की मौत हो गई। हालांकि, सीएमओ का कहना है कि मौत डायरिया से नहीं हुई है। वहीं, बीरमपुर में डायरिया के 80 नए मरीज सामने आए हैं। इसके बाद डायरिया से अब तक तीन मौत हो चुकी हैं।
विज्ञापन
बुलंदशहर के इस्लामाबाद निवासी आसिफ की पत्नी साबौता गांव में बहनोई के यहां आई हुई थीं। बुधवार को उसके सात माह के पुत्र फरहान की हालत बिगड़ गई। फरहान को जेवर के एक डॉक्टरके यहां ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
परिजनों के अनुसार, उसकी मौत डायरिया से हुई है। जबकि सीएमओ डॉ. आरके गर्ग का कहना है कि बच्चे को दौरे पड़ते थे, जिससे उसकी मौत हुई। उधर, बीरमपुर में बुधवार को 80 नए मरीज सामने आए। इनमें से 12 को नोएडा के जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। वहां स्वास्थ्य विभाग का कैंप बुधवार को भी लगा।
विज्ञापन
बीरमपुर और आसपास के गांव चक बीरमपुर, साबौता, नगला हुकुम सिंह में अब तक मरीजों की संख्या 700 से ज्यादा हो गई है। सीएमओ डॉ. गर्ग और एसडीएम जेवर सतीश चंद शुक्ला डॉक्टरों की टीम के साथ गांव में कैंप लगाए हुए हैं।
गंदा पानी बना वजह
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि गांव में गंदे पानी की वजह से बीमारी फैली है। उन्होंने बताया कि गांव में पोखर पहले दूर थे, लेकिन अब गांव के अंदर आ गए हैं। इनमें घरों का गंदा पानी जाता है, जिससे ये दूषित हो गए हैं। उन्होंने ग्रामीणों से हैंडपंप ज्यादा गहराई में लगवाने की अपील की है। सीएमओ ने बताया कि नोएडा, दनकौर और ग्रेटर नोएडा के 15 डॉक्टरों की टीम जुटी हुई है। जिला चिकित्सालय में यहां के मरीजों के लिए दो वार्ड बनाए गए हैं, जिनमें 40 मरीजों को दाखिल किया जा सकता है।
मरीजों की सही देखभाल न करने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि यहां से मरीजों को नोएडा रेफर कर दिया जाता है, लेकिन वहां उनकी सही देखभाल नहीं की जा रही। इस कारण परिजन बीमारों को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करा रहे हैं। बुधवार को पड़ोसी गांव से भी डायरिया के मरीज बीरमपुर कैंप में आने लगे। गांव फलैदा का डेढ़ वर्ष का अशोक और गांव मकसूदर निवासी प्रताप की पत्नी रेखा (25) को बीरमपुर कैंप लाया गया।
साबोता में मिले 13 नए रोगी
गांव साबोता में बुधवार को 13 नए रोगी मिले हैं। ये गांव के अलावा निजी चिकित्सकों से इलाज करा रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने मात्र एक दिन कीटनाशक दवाई का छिड़काव कराया है। स्वास्थ्य विभाग की दवा फायदा नहीं कर रही। सफाई भी कम हो रही है। प्रशासन ने जलभराव की ओर भी ध्यान नहीं दिया है, जिससे बीमारियां फैल रही हैं। गांव के कन्हैया लाल, अशोक शर्मा, टिंकू, विनोद कुमार आदि ने बताया कि गांव से मलेरिया, बुखार, उल्टी दस्त आदि बीमारियों से पीड़ित ऊषा शर्मा, लोकेश, रमन, मनीषा, अमन, माया, ममता, हसमुख, कल्लो, गौतम, गौरव, अमीन, अरुण इलाज कराने के लिए निजी चिकित्सकों के पास गए हैं। उपजिलाधिकारी सतीश चंद शुक्ल का कहना है कि सफाई कर्मियों को सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं।