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मोटी फीस चुकाने के बाद भी आपके नन्हे मासूम नहीं है सुरक्षित, 125 स्कूल बस हैं अनफिट

Mon, 09 Apr 2018 12:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Mon, 09 Apr 2018 12:42 PM IST
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one hundred twenty five school buses are unfit in ghaziabad
school bus - फोटो : अमर उजाला

मोटी फीस लेने के बाद भी पब्लिक स्कूल आपके मासूमों की जान खतरे में डाल रहे हैं। ट्रांसपोर्ट शुल्क में हर साल बढ़ोतरी होती है, लेकिन बसों में न इमरजेंसी गेट हैं और न ही दरवाजे पर फुट रेस्ट लगे हैं।

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रविवार को परिवहन विभाग ने कमला नेहरू नगर स्थित मैदान में व्यापक अभियान चलाकर स्कूलों की बसों का परीक्षण किया। पहले दिन 700 बसों में से 125 बसें अनफिट पाई गईं, जिन्हें एक सप्ताह का नोटिस दिया गया है।
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परिवहन विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह अभियान शुरू किया है। रविवार सुबह सात बजे से स्कूली बसें पहुंचनी शुरू हो गईं, जो दोपहर करीब डेढ़ बजे तक आईं।

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बसों का परीक्षण किया गया

one hundred twenty five school buses are unfit in ghaziabad
school bus - फोटो : अमर उजाला

बसों का परीक्षण कराने के लिए परिवहन विभाग के चार प्रवर्तन अधिकारी और यूपी रोडवेज से बुलाए गए दो फोरमैन की टीमें लगी, जिन्होंने स्कूल बसों का एक-एक कर सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित मापदंड के आधार पर भौतिक परीक्षण किया।

पहले 1400 स्कूल बसों में से 712 बसों का भौतिक सत्यापन किया गया। इनमें से 125 स्कूल बसों में खामियां मिलीं। किसी बस का फुट रेस्ट ठीक नहीं था। किसी का इमरजेंसी गेट ही नहीं खुल पाया।

कई बसों पर यह नहीं लिखा था कि वह स्कूल बस हैं। ऐसी सभी बसों के स्वामियों को परिवहन विभाग ने नोटिस जारी करके एक  सप्ताह में खामियां दूर कराकर फिर से परीक्षण कराने को कहा है। समय से परीक्षण न कराने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

बस मालिकों को 15 तक आखिरी मौका

one hundred twenty five school buses are unfit in ghaziabad
children

एआरटी विश्वजीत सिंह ने बताया कि अभी आधी बसों का भी भौतिक सत्यापन नहीं हो पाया है। बाकी बसों का भौतिक सत्यापन कराने के लिए 15 अप्रैल तक का समय दिया गया है। इसके बाद परिवहन विभाग सघन अभियान चलाकर अनफिट स्कूल बसों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करेगा। 

इन स्कूलों की बसों का हुआ सत्यापन
पहले दिन मुख्य रूप से डीपीसी (जी), डीपीएस, राजनगर, देहरादून पब्लिक स्कूल, रियान इंटरनेशनल स्कूल, केडीबी पब्लिक स्कूल, भागीरथ पब्लिक स्कूल, एमिटी पब्लिक स्कूल, होली एंजिल पब्लिक स्कूल और सीएसएचपी स्कूल आदि की बसों का भौतिक सत्यापन किया गया। 

चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस भी चेक किए
परिवहन अधिकारियों ने स्कूली बसों के चालकों की ड्रेस और ड्राइविंग लाइसेंस भी चेक करके उन्हें यातायात के नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। चालकों को यह भी बताया गया कि आपके नियम तोड़ने से किसी की जान भी जा सकती है। इसलिए सावधानी से वाहन चलाएं। जल्दबाजी किसी भी हाल में न करें।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय मानक

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supreme court

बस पर स्कूल बस या ऑन ड्यूटी स्कूल लिखा होना चाहिए
बस की बॉडी पर स्कूल का नाम और फोन नंबर लिखा हो
खिड़की पर क्षैतिज ग्रिल/जाली लगी हो
बच्चों के चढ़ने-उतरने के लिए दरवाजे पर फुट बोर्ड लगा हो
सीट के पीछे नीचे बस्ता रखने की जगह होनी चाहिए
अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड बॉक्स हो
स्पीड गवर्नर और प्रेशर हार्न लगा हो

इस टीम ने किया फिटनेस टेस्ट
एआरटीओ प्रवर्तन राकेंद्र सिंह, प्रवीण शंकर राय, अश्वनी कुमार सिंह राजपूत, संतदेव सिंह, एआरटीओ प्रशासन ने स्कूली बसों की फिटनेस टेस्ट की।

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