{"_id":"5c9a8b13bdec22145a0ea8d4","slug":"old-notes-are-not-accepted-in-ticket-vending-machines-on-delhi-metro-stations","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मेट्रो स्टेशनों पर लगीं टिकट वेंडिंग मशीनों को रास नहीं आ रहे पुराने नोट, यात्री परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेट्रो स्टेशनों पर लगीं टिकट वेंडिंग मशीनों को रास नहीं आ रहे पुराने नोट, यात्री परेशान
Wed, 27 Mar 2019 01:56 AM IST
शाहरुख खान
अरुण कुमार, अमर उजाला, दिल्ली
अरुण कुमार, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 27 Mar 2019 01:56 AM IST
विज्ञापन
मेट्रो स्टेशनों पर लगी मशीन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली मेट्रो के स्टेशनों पर टोकन काउंटर बंद करके वेंडिंग मशीनों से टिकट खरीदना यात्रियों के लिए मुसीबत का सबब बनता दिख रहा है। आलम यह है कि पुरानी टिकट वेंडिंग मशीनों में पुराने नोट कई बार स्वीकार नहीं किए जाते और व्यस्त समय में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कुछ स्टेशनों पर टोकन सेल काउंटर चालू हैं तो लोग वहां से टोकन खरीद लेते हैं। जिन स्टेशनों पर एक भी टोकन काउंटर नहीं है, वहां यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ मशीनों में नए 100 रुपये और 200 रुपये के नोट स्वीकार नहीं किए जा रहे, जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है।
डीएमआरसी ने लोगों को बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाने के उद्देश्य से मेट्रो स्टेशनों पर टिकट वेंडिग मशीनें (टीवीएम) लगाई हैं। इन्हीं मशीनों के भरोसे टोकन सेल काउंटर बंद करने शुरू कर दिए गए। वर्तमान में नए मेट्रो स्टेशनों पर बनाए गए टोकन सेल काउंटर पर तो स्टाफकी तैनाती ही नहीं की गई है। उन पर टीवीएम के जरिये टोकन देने की सुविधा है।
विज्ञापन
टीवीएम पर एक कर्मचारी की तैनाती भी की गई। डीएमआरसी ने सबसे पहले सैमसंग कंपनी की टीवीएम लगाई थीं, लेकिन नोटबंदी के बाद इस मशीनों में नए नोट स्वीकार नहीं किए जाते। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
कुछ स्टेशनों पर टोकन सेल काउंटर चालू हैं तो लोग वहां से टोकन खरीद लेते हैं। जिन स्टेशनों पर एक भी टोकन काउंटर नहीं है, वहां यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ मशीनों में नए 100 रुपये और 200 रुपये के नोट स्वीकार नहीं किए जा रहे, जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है।
विज्ञापन
डीएमआरसी ने लोगों को बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाने के उद्देश्य से मेट्रो स्टेशनों पर टिकट वेंडिग मशीनें (टीवीएम) लगाई हैं। इन्हीं मशीनों के भरोसे टोकन सेल काउंटर बंद करने शुरू कर दिए गए। वर्तमान में नए मेट्रो स्टेशनों पर बनाए गए टोकन सेल काउंटर पर तो स्टाफकी तैनाती ही नहीं की गई है। उन पर टीवीएम के जरिये टोकन देने की सुविधा है।
विज्ञापन
टीवीएम पर एक कर्मचारी की तैनाती भी की गई। डीएमआरसी ने सबसे पहले सैमसंग कंपनी की टीवीएम लगाई थीं, लेकिन नोटबंदी के बाद इस मशीनों में नए नोट स्वीकार नहीं किए जाते। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
दूसरे फेज में थेल्स कंपनी की टीवीएम लगाई गईं। इनमें में 100 रुपये के नए नोट तो स्वीकार किए जाने लगे हैं, लेकिन पुराना नोट करारा नहीं है तो मशीन स्वीकार नहीं करती। इन मशीनों में टोकन खरीदने के लिए 10, 20, 50 और 100 रुपये के नोट स्वीकार किए जाते हैं।
इन मशीनों में मेट्रो कार्ड रिचार्ज के लिए 500 रुपये का नोट स्वीकार किया जाता है। बकाया लौटाने की सुविधा है, लेकिन टोकन के लिए 500 रुपये का नोट स्वीकार नहीं किया जाता। ऐसी स्थिति में यात्रियों को खुले पैसों के लिए भटकना पड़ता है।
पुरानी टीवीएम में टोकन की निर्धारित राशि ही स्वीकार की जाती है। अगर यात्री को 30 रुपये का टोकन खरीदना है तो उसे इतने ही रुपये मशीन में डालने होंगे। साथ ही अगर 10 और 20 के नोटों का कागज करारा नहीं है तो भी मशीन स्वीकार नहीं करती। राजीव चौक जैसे बड़े मेट्रो स्टेशनों पर भी टोकन सेल काउंटर की संख्या घटाकर आधी कर दी गई है।
इन मशीनों में मेट्रो कार्ड रिचार्ज के लिए 500 रुपये का नोट स्वीकार किया जाता है। बकाया लौटाने की सुविधा है, लेकिन टोकन के लिए 500 रुपये का नोट स्वीकार नहीं किया जाता। ऐसी स्थिति में यात्रियों को खुले पैसों के लिए भटकना पड़ता है।
पुरानी टीवीएम में टोकन की निर्धारित राशि ही स्वीकार की जाती है। अगर यात्री को 30 रुपये का टोकन खरीदना है तो उसे इतने ही रुपये मशीन में डालने होंगे। साथ ही अगर 10 और 20 के नोटों का कागज करारा नहीं है तो भी मशीन स्वीकार नहीं करती। राजीव चौक जैसे बड़े मेट्रो स्टेशनों पर भी टोकन सेल काउंटर की संख्या घटाकर आधी कर दी गई है।
टीवीएम को बढ़ावा देने के लिए फैसला
स्टेशनों पर टोकन सेल काउंटर बंद करने के संबंध में डीएमआरसी सूत्रों का कहना है कि टीवीएम के प्रयोग को बढ़ावा देने और मेट्रो की आय के स्रोत बढ़ाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। मशीनों की तकनीक को और बेहतर करने की भी बात कही है। सूत्रों की मानें तो टोकन सेल काउंटर पर स्टाफ की तैनाती की तुलना में टीवीएम ज्यादा किफायती साबित हो रही है।