सिगरेट के पैसे मांगने पर पान के खोखे में बुजुर्ग को जिंदा जलाया, आठ लोगों का पालता था पेट
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आईएमटी मानेसर के बांस कुसला चौक पर चार मई को सिगरेट के पैसे मांगने पर हुए विवाद में ऑटो चालक ने पान-सिगरेट के खोखे पर तेल छिड़ककर बुजुर्ग दुकानदार को जिंदा जला दिया था। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई। इसके बाद आईएमटी मानेसर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले में हत्या की धारा जोड़कर कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के मुताबिक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। सप्लीमेंट्री चार्जशीट जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से बिहार के मधुबनी के गांव बाघा कुस्मार निवासी 58 वर्षीय बुजुर्ग अब्दुल शकूर करीब 20 साल से बांस गांव में परिवार के साथ किराए पर रहते थे। उसका बांस गांव कुसला चौक पर पान-सिगरेट का खोखा था। तीन मई की शाम को मूलरूप से यूपी के शिकारपुर गांव निवासी ऑटो चालक कन्हैया शराब के नशे में दुकान पर आया। उसने दुकानदार अब्दुल शकूर से दो सिगरेट लिए, लेकिन पैसे नहीं दिए। बुजुर्ग ने जब पैसे मांगे, तो आरोपी ने अभद्रता करनी शुरू कर दी और वहां से चला गया।
चार मई की शाम को आरोपी दोबारा दुकान पर पहुंचा और उसने सिगरेट लेकर पैसे दे दिए। बुजुर्ग दुकानदार कुछ समझ पाता, इतने में आरोपी ने खोखे पर तेल छिड़ककर आग लगा दी और फरार हो गया। खोखे में लगी आग से बुजुर्ग 75 फीसदी झुलस गया था, जिसे गंभीर अवस्था में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। आईएमटी मानेसर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी कन्हैया के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया और छह मई को जेल भेज दिया। उधर आठ दिन तक इलाज के बाद सोमवार को बुजुर्ग ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
आठ लोगों का पालता था पेट
जिस उम्र में लोग घरों में बैठकर परिवार के साथ आराम फरमाते हैं, उस उम्र में अब्दुल शकूर अपने 8 लोगों के परिवार का पेट पालने के लिए मेहनत करता था। बांस गांव के ग्रामीणों के मुताबिक, अब्दुल शकूर का परिवार 20 साल से यहां पर रह रहा है। अब्दुल इतने मिलनसार थे कि वह अपनी परेशानियों की जगह दूसरों की परेशानियों को दूर करने में लगे रहते थे।
मूलरूप से बिहार निवासी मृतक 20 साल पहले गुरुग्राम आए थे। यहां वह बांस कुसला गांव में रहते हुए आईएमटी मानेसर बांस कुसला चौक पर पान-सिगरेट का खोखा लगा अपनी आजीविका चला रहे थे। मृतक के सबसे बड़े दामाद मोहम्मद इरशाद ने बताया कि घर में उनके ससुर की अम्मी, अब्बू के अलावा, उनकी पत्नी रहती है।
तीन लड़कियों का निकाह कर दिया जबकि एक लड़की कुंवारी है। वहीं तीन बेटे छोटे हैं और स्कूल जाते हैं। सभी की जिम्मेदारी अब्दुल शकुर पर ही थी। बुजुर्ग की पत्नी ने कहा कि उनके पति कभी किसी से अभद्रता भी नहीं करते थे, लेकिन आरोपी ने ऐसा करके पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया। मृतक के परिजनों का कहना है कि हमें जाति या संप्रदाय से कोई लेना-देना नहीं। हम चाहते है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले।