‘ओह माई गॉड’ कंपनी: कागजों पर करोड़ों और जमीन पर कुछ भी नहीं
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‘ओह माई गॉड’ कंपनी के बिल्डर और पदाधिकारियों के खिलाफ एक इनवेस्टर ने पांच करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
वहीं, यमुना प्राधिकरण ने बिल्डर के खिलाफ आरोप लगाया कि बिना नक्शा पास कराए कमर्शियल दुकानें और सर्विस अपार्टमेंट बनाए जाने के नाम पर लोगों से रुपये वसूले जा रहे हैं। दोनों ही मामलों की रिपोर्ट एक्सप्रेसवे थाने में दर्ज कर ली गई है।
आनंद विहार, दिल्ली निवासी हेमंत धवन इनवेस्टर हैं। हेमंत ने बताया कि अक्टूबर 2013 में उनकी मुलाकात ओह माई गॉड बिल्डर के जीएम मनीष धमीजा से हुई।
ऐसे प्रोजेक्ट के लिए लिया पैसा जो कभी शुरू ही नहीं हुआ
उसने उन्हें एक्सप्रेसवे स्थित सेक्टर-129 में अपनी कंपनी के आगामी प्रोजेक्ट के बारे में बताया। मनीष और कंपनी के मालिकों ने प्राधिकरण द्वारा पास कराए गए अपार्टमेंट के नक्शे भी दिखाए।
उसने वहां पर सर्विस अपार्टमेंट बनाए जाने के नाम पर उनसे पांच करोड़ रुपये का निवेश करा लिया लेकिन ढाई साल बाद भी वहां कोई भी निर्माण शुरू नहीं हुआ।
हेमंत ने जब मनीष व कंपनी के मालिक अमित मावी से संपर्क किया तो उन्होंने कुछ वक्त मांगा। शक होने पर हेमंत ने यमुना प्राधिकरण में अधिकारियों से मिलकर शिकायत दर्ज कराई।
पता चला कि ऐसा कोई प्रोजेक्ट ही नहीं आ रहा
उन्होंने वे नक्शे दिखाए तो पता चला कि उस स्थान पर ओह माई गॉड का कोई भी प्रोजेक्ट नहीं आ रहा है। प्राधिकरण से कोई नक्शा भी पास नहीं हुआ है।
मामले की शिकायत हेमंत ने एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह से की, जिसके बाद एसएसपी ने रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया। हेमंत की शिकायत पर कंपनी मालिक अमित मावी, डायरेक्टर गौरव मावी और अन्य अधिकारी मनीष धमीजा व योगेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
इसी क्रम में जब मामले की शिकायत यमुना प्राधिकरण के पास पहुंची तो प्राधिकरण ने भी अमित मावी, डायरेक्टर गौरव मावी और अधिकारी राम प्रकाश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।