रिसर्च: मोटापा यूं ही नहीं आता, अनुवांशिकता निभाती अहम भूमिका; जानें मां की सेहत का बेटी पर होता है क्या असर
तेल अवीव विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं सहित एक टीम ने जांच के दौरान 1986 से 2018 के बीच के 13 लाख से अधिक लोगों के डेटा का इस्तेमाल किया।
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शरीर के मोटापे में महज आपकी अव्यवस्थित जीवन शैली या सेहत संबंधी परेशानी ही जिम्मेदार नहीं होती है, इसमें आपकी अनुवांशिकता की भी बड़ी भूमिका होती है। तेल अवीव विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के अध्ययन में यह खुलासा हुआ है। यह अध्ययन जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन (जेएएमए) नेटवर्क ओपन में प्रकाशित हुआ है।
इससे किसी के भी बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) को अनुवांशिक तौर यानी गुणसूत्रों से बेहतर तरीके से समझा जा सकता है। दरअसल, बीएमआई एक मान है जो किसी इंसान के शरीर के द्रव्यमान और लंबाई से मिलता है। शोधकर्ताओं ने अध्ययन में देखा कि अगर किसी के माता-पिता उनकी उम्र में मोटे थे, तो उनके भी इसी उम्र में मोटे होने की संभावना होती है। उदाहरण के लिए किसी बच्चे के माता या पिता 17 साल की उम्र में मोटापे के शिकार थे तो उस बच्चे में भी इसी उम्र में मोटापा विकसित होने की 77 प्रतिशत संभावना होती है।
सेहतमंद बीएमआई वाले अभिभावकों के बच्चे कम होते हैं मोटे
तेल अवीव विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं सहित एक टीम ने जांच के दौरान 1986 से 2018 के बीच के 13 लाख से अधिक लोगों के डेटा का इस्तेमाल किया। यह डेटा इस्राइल में उनके अनिवार्य सैन्य सेवा में जाने से पहले का था। इसमें 17 साल की उम्र के बच्चों के बीएमआई की तुलना उनके माता-पिता दोनों के उसी उम्र के बीएमआई से की गई। विश्लेषण में शामिल 4.45 लाख से अधिक के तीन समूहों में से 24 प्रतिशत के लिए डेटा मौजूद था। इसका मतलब है कि लगभग 1,06,800 के तीन समूहों के लिए पूरा डेटा मौजूद था। इस आधार पर अध्ययन के लेखकों ने लिखा, जिन तीनों समूहों में माता-पिता दोनों का बीएमआई स्वस्थ था, उनकी संतान में अधिक वजन या मोटापा 15.4 प्रतिशत बढ़ा था। वहीं, जिनके माता-पिता दोनों मोटापे से ग्रस्त थे तो उनका मोटापा 76.6 प्रतिशत बढ़ा था।
पिता के मोटापे का पुत्र पर 27 प्रतिशत होता है असर
शोधकर्ताओं ने माता और पिता के बीएमआई के औसत और उनके बच्चे के बीएमआई के बीच सहसंबंध भी पाया। इस आधार पर अनुमान लगाया कि यह 39 प्रतिशत आनुवंशिक था। पिता-पुत्र बीएमआई के बीच सहसंबंध 0.273 पाया गया। इसका मतलब है कि बेटे का बीएमआई पिता के बीएमआई से 27 प्रतिशत तक प्रभावित हो सकता है।
मां मोटी होने पर बेटियों के मोटे होने की संभावना
इसके अलावा माताओं और बेटियों के बीएमआई के बीच माताओं और बेटों के मुकाबले अधिक मजबूत सहसंबंध पाया। मोटापे से ग्रस्त मांओं के पहले से ही मोटापे से ग्रस्त पिताओं के मुकाबले बेटियों में इस हालत के विकसित होने की अधिक संभावना होती है। अध्ययन के लेखकों ने इस आधार पर निष्कर्ष निकाला कि यह परिणाम आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारकों के साथ ही बीएमआई की अनुवांशिकता पर लिंग के विशिष्ट असर को दिखाता है।