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सरकार का ये फैसला, जान भी ले सकता है!
अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sat, 01 Feb 2014 08:38 AM IST
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गुड़गांव में स्वास्थ्य विभाग को स्पेशलिस्ट डॉक्टर नहीं मिल पा रहे हैं, ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए नॉन स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को भर्ती करने का निर्णय लिया गया है।
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हालांकि इसके लिए जो शर्ते तय हैं, उससे लगता नहीं कि नॉन स्पेशलिस्ट भी इस ऑफर में कोई दिलचस्पी दिखाएंगे।
प्रदेश में एक जनवरी से मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना लागू की गई थी। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस योजना के तहत पूरा इलाज फ्री हो जाने से मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
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गुड़गांव समेत तमाम जिलों में चिकित्सकों की संख्या बेहद कम है। ऐसे में मरीजों की संख्या बढ़ने से चिकित्सकों पर काम का दबाव बढ़ रहा है। पिछले दिनों चंडीगढ़ में हुई बैठक में यह मुद्दा जोर-शोर से उठा था। अब प्रदेश सरकार द्वारा निर्देश मिले हैं कि स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के मिलने तक नॉन स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भर्ती की जाए।
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इन नॉन स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को पीएचसी स्तर तक तैनात किया जाएगा। हालांकि सामान्य अस्पताल में स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की ही सेवाएं लेने के निर्देश हैं। चूंकि प्रदेश सरकार ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट कर दी है, लिहाजा जल्द ही भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
मुश्किल है चिकित्सक मिलना
प्रदेश सरकार ने पीएचसी स्तर पर नॉन स्पेशलिस्ट और जनरल हॉस्पिटल में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को केवल एक साल के लिए अनुबंध पर रखने के निर्देश दिए हैं। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रधान डा. केशव का कहना है कि प्रदेश में सरकारी चिकित्सकों के हालात बेहद खराब हैं। एंट्री लेवल पर एक चिकित्सक को फार्मासिस्ट की ग्रेड के बराबर वेतन मिलता है। जब तक वेतन में सुधार नहीं होता, तब तक चिकित्सकों की कमी परेशान करती ही रहेगी।