{"_id":"658ddc9896fbe73fcc02afb4","slug":"yida-will-become-the-hub-of-data-center-grnoida-news-c-23-1-noi1091-23559-2023-12-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: डाटा सेंटर का हब बनेगा यीडा, 10 प्लॉटों की स्कीम जल्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: डाटा सेंटर का हब बनेगा यीडा, 10 प्लॉटों की स्कीम जल्द
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- दो डाटा सेंटर के लिए आवंटित की जा चुकी है जमीन, एफडीआई के तहत निवेश करने को इच्छुक हैं कई कंपनियां
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र डाटा सेंटर का हब बनाने जा रहा है। प्राधिकरण एक साथ दस प्लाटों की योजना लांच करने जा रहा है। इसके साथ ही मिक्स लैंड यूज व इंडस्ट्री की योजना भी लांच होगी। नए साल से पहले योजना लांच कर दी जाएगी। डाटा सेंटर में एफडीआई प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के तहत कई बड़ी कंपनियां निवेश की इच्छा जता चुकी हैं। अहम है कि यीडा सिटी में डाटा सेंटर के लिए दो बड़ी कंपनियों जैकसन लिमिटेड और सिफी इंफिनिट स्पेसेस लिमिटेड को सेक्टर- 28 में जमीन आवंटित की जा चुकी है। अहम बात यह है कि सिफी इंफिनिट स्पेसेस लिमिटेड फार्च्यून-500 में शामिल है। दोनों कंपनियां यहां 1757़ 45 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी।
नोएडा एयरपोर्ट जेवर का निर्माण कार्य शुरू होने से बाद से देश व विदेशी कंपनियां यीडा सिटी में निवेश के लिए लगातार आगे आ रही हैं। वर्ष 2023- 2024 में अब तक 149 कंपनियों को जमीन आवंटित की जा चुकी है। इसमें प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) व फार्च्यून-500 कंपनियां भी शामिल हैं। डाटा सेंटर, मिक्स लैंड यूज व इंडस्ट्री में निवेश के लिए कई प्रस्ताव मिलने पर यमुना प्राधिकरण 1-2 दिन में योजना लॉन्च करने जा रहा है। डाटा सेंटर के लिए 5- 5 एकड़ के 10 प्लॉट सेक्टर- 28 में होंगे। वहीं मिक्स लैंड के तहत 10- 10 एकड़ के 6 प्लॉट सेक्टर- 24ए व इंडस्ट्री के 4000 वर्गमीटर तक के 50 प्लॉट होंगे।
होटल योजना में छह कंपनियों ने दिखाई रूचि
यीडा की तीन प्लॉट की होटल योजना में सात कंपनियों ने रूचि दिखाई है। प्राधिकरण इस योजना को दोबारा लाया है। एक प्लॉट पर चार कंपनियों ने रुचि दिखाई है, जबकि दूसरे प्लॉट पर दो और तीसरे प्लॉट को लेने के लिए एक कंपनी ने रुचि दिखाई है।
विज्ञापन
यीडा सिटी में औद्योगिक निवेश के लिए लगातार प्रस्ताव मिल रहे हैं। इसको देखते हुए डाटा सेंटर, मिक्स लैंड यूज और इंडस्ट्री की स्कीम लांच करने की अनुमति प्रदान कर दी है। नए साल से पहले स्कीम लांच कर दी जाएगी। - डॉ़ अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र डाटा सेंटर का हब बनाने जा रहा है। प्राधिकरण एक साथ दस प्लाटों की योजना लांच करने जा रहा है। इसके साथ ही मिक्स लैंड यूज व इंडस्ट्री की योजना भी लांच होगी। नए साल से पहले योजना लांच कर दी जाएगी। डाटा सेंटर में एफडीआई प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के तहत कई बड़ी कंपनियां निवेश की इच्छा जता चुकी हैं। अहम है कि यीडा सिटी में डाटा सेंटर के लिए दो बड़ी कंपनियों जैकसन लिमिटेड और सिफी इंफिनिट स्पेसेस लिमिटेड को सेक्टर- 28 में जमीन आवंटित की जा चुकी है। अहम बात यह है कि सिफी इंफिनिट स्पेसेस लिमिटेड फार्च्यून-500 में शामिल है। दोनों कंपनियां यहां 1757़ 45 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी।
नोएडा एयरपोर्ट जेवर का निर्माण कार्य शुरू होने से बाद से देश व विदेशी कंपनियां यीडा सिटी में निवेश के लिए लगातार आगे आ रही हैं। वर्ष 2023- 2024 में अब तक 149 कंपनियों को जमीन आवंटित की जा चुकी है। इसमें प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) व फार्च्यून-500 कंपनियां भी शामिल हैं। डाटा सेंटर, मिक्स लैंड यूज व इंडस्ट्री में निवेश के लिए कई प्रस्ताव मिलने पर यमुना प्राधिकरण 1-2 दिन में योजना लॉन्च करने जा रहा है। डाटा सेंटर के लिए 5- 5 एकड़ के 10 प्लॉट सेक्टर- 28 में होंगे। वहीं मिक्स लैंड के तहत 10- 10 एकड़ के 6 प्लॉट सेक्टर- 24ए व इंडस्ट्री के 4000 वर्गमीटर तक के 50 प्लॉट होंगे।
विज्ञापन
होटल योजना में छह कंपनियों ने दिखाई रूचि
यीडा की तीन प्लॉट की होटल योजना में सात कंपनियों ने रूचि दिखाई है। प्राधिकरण इस योजना को दोबारा लाया है। एक प्लॉट पर चार कंपनियों ने रुचि दिखाई है, जबकि दूसरे प्लॉट पर दो और तीसरे प्लॉट को लेने के लिए एक कंपनी ने रुचि दिखाई है।
विज्ञापन
यीडा सिटी में औद्योगिक निवेश के लिए लगातार प्रस्ताव मिल रहे हैं। इसको देखते हुए डाटा सेंटर, मिक्स लैंड यूज और इंडस्ट्री की स्कीम लांच करने की अनुमति प्रदान कर दी है। नए साल से पहले स्कीम लांच कर दी जाएगी। - डॉ़ अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण