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Noida News: काॅर्पस फंड से संवारी जाएगी यमुना सिटी

Tue, 13 Oct 2026 08:54 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2026 08:54 PM IST
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Yamuna City to be spruced up using the corpus fund.
अलग-अलग मदों से जमा होगा कॉर्पस फंड में पैसा, ब्याज से कराए जा सकेंगे काम
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नंबर गेम-1200 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य
अगली बोर्ड बैठक में कुछ संशोधन के साथ रखा जाना मंजूरी के लिए प्रस्ताव

अतुल भारद्वाज
ग्रेटर नोएडा। नोएडा प्राधिकरण की तरह अब यमुना सिटी के विकसित सेक्टरों में जरूरी विकास कार्य पर कॉर्पस फंड से खर्च होगा। इसमें अलग-अलग मदों से बजट जुटाया जाना है। यमुना प्राधिकरण का लक्ष्य है कि शुरुआती चरण में करीब 1200 करोड़ रुपये का यह फंड बनाया जाए। करीब 700 करोड़ रुपये इस काॅर्पस फंड के लिए निबंधन विभाग से यमुना प्राधिकरण को मिल सकते हैं। इसके अलावा मुआवजा की बकाया धनराशि की वापसी से भी फंड को बढ़ाने में मदद मिल सकेगी।
प्राधिकरण से मिली जानकारी के मुताबिक यमुना सिटी के फेज-1 और नोएडा एयरपोर्ट के आसपास के सेक्टरों में विकास कार्य होने के बाद रखरखाव के लिए बजट की जरूरत होगी। खासतौर पर अब निकट भविष्य में सेक्टर-18, 20, 22डी, 32 आदि में रखरखाव के काम कराए जाने होंगे। इस जरूरत को कॉर्पस फंड के ब्याज से पूरा किया जाएगा। पिछली महीने बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव के साथ यीडा कॉर्पस फंड इन्वेस्टमेंट रेग्यूलेशंस 2026-27 की नियमावली अनुमोदन के लिए रखी गई थी। अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में कुछ बिंदुओं पर तकनीकी परीक्षण कराने के साथ इसे दोबारा से अगली बोर्ड बैठक में रखने के लिए कहा है।
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वित्त से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस कॉर्पस फंड में किन स्रोतों से बजट इकट्ठा किया जाता है, इनके विकल्पों का परीक्षण किया जा रहा है। एडीएम भू-अध्यापित के पास पुरानी योजनाओं में बचे हुए मुआवजा का आकलन भी करा रहे हैं। इसके अलावा निबंधन विभाग से मिलने वाली दो प्रतिशत धनराशि, लीज रेंट, ट्रांसफर चार्ज जैसे बजट को इस फंड में रखा जा सकता है। इससे आने वाले सालों में भी कॉर्पस फंड में पैसा जमा होता रहेगा। इससे विकास पर महंगाई के असर को भी न्यूनतम करने में यमुना प्राधिकरण को मदद मिलेगी।
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नए कामों पर खर्च नहीं हो सकेगा फंड
इस कॉर्पस फंड के खर्च के नियमों में यह व्यवस्था की गई है कि नए प्रोजेक्टों और कामों में इसे खर्च नहीं किया जा सके। केवल इस फंड के बजट का उपयोग पुराने कामों के रखरखाव के लिए ही सीईओ की अनुमति के बाद हो सकेगा। इन कामों में विशेष रूप से सड़क, सीवर, पानी, स्ट्रीट लाइट, ग्रीनबेल्ट जैसे काम शामिल किए गए हैं। इसका उद्देश्य आवासीय और औद्योगिक सेक्टरों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव को खत्म करना है। यह फंड सुनिश्चित करेगा कि आवंटियों को कब्जा मिलने के बाद भी सेक्टरों में सुविधाओं का स्तर बेहतर बना रहे।



यीडा कॉर्पस फंड बनाने की जरूरत विकसित सेक्टरों में जरूरी रखरखाव के लिए बजट की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इससे अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखकर विकसित हो रही यमुना सिटी में रखरखाव के काम कराए जा सकेंगे। -राकेश कुमार सिंह, सीईओ, यमुना प्राधिकरण
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