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हड़ताल पर स्वास्थ्यकर्मी, शहर में फैली गंदगी
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हड़ताल पर सफाई कर्मी, शहर में फैली गंदगी
नोएडा। प्राधिकरण के सफाई कर्मी हड़ताल पर चले गए हैं। शहर में गंदगी फैलती जा रही है। मोबाइल एप से हाजिरी नहीं लगाने की मांग को लेकर कर्मी काम से गैरहाजिर हैं। कोरोना काल से पहले बायोमैट्रिक से हाजिरी लगती थी, लेकिन संक्रमण की संभावनाओं को देख इससे हाजिरी बंद कर दी गई। प्राधिकरण ने समाधान निकालते हुए मोबाइल एप से हाजिरी लगाने का विकल्प तलाशा। जिस पर सफाई कर्मी भड़क गए। उनका कहना है कि इससे उनकी लोकेशन का पता चलेगा। लिहाजा वह इतना दबाव सहन नहीं कर पाएंगे। उन्होंने इस व्यवस्था को बंद करने की मांग की है। वहीं, प्राधिकरण ने उन्हें काम पर लौटने की चेतावनी दी। ऐसा नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई की भी बात कही गई। 4500 में से 900 सफाई कर्मी वापस लौट आए हैं, लेकिन शहर की सफाई के लिए इतनी संख्या पर्याप्त नहीं है। निवासियों ने बताया कि सेक्टर-71 में तीन दिन से कूड़ा नहीं उठाया गया है। सेक्टर-73 और सेक्टर-27 के निवासियों ने भी इसी तरह की सूचना दी। सेक्टर-23 के लोगों ने बताया कि 8 दिनों से कोई भी सफाई कर्मी नहीं आया। सड़क पर जहां-तहां कूड़ा फैला हुआ है। सेक्टर-22 के एच ब्लॉक में चार दिन से कूड़ा पड़ा है। सेक्टर-51 में भी कूड़े का अंबार लगा है।
डोर टू डोर कूड़ा वाहनों का काम जारी
प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह का कहना है कि डोर टू डोर कूड़ा वाहन अपना काम कर रहे हैं। वह घर-घर से कूड़ा उठा कर ले आ रहे हैं। इसी तरह से मेकेनिकल स्वीपिंग मशीन भी सफाई का काम कर रही हैं।
सफाई एजेंसी बदलने की तैयारी
नोएडा प्राधिकरण की ओर से सफाई एजेंसी बदलने की तैयारी है। अधिकारियों का कहना है कि अगर मंगलवार तक सफाई कर्मी नहीं लौटे तो दूसरी एजेंसी से काम कराने की योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा। इस पर विचार चल रहा है।
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हड़ताल पर सफाई कर्मी, शहर में फैली गंदगी
नोएडा। प्राधिकरण के सफाई कर्मी हड़ताल पर चले गए हैं। शहर में गंदगी फैलती जा रही है। मोबाइल एप से हाजिरी नहीं लगाने की मांग को लेकर कर्मी काम से गैरहाजिर हैं। कोरोना काल से पहले बायोमैट्रिक से हाजिरी लगती थी, लेकिन संक्रमण की संभावनाओं को देख इससे हाजिरी बंद कर दी गई। प्राधिकरण ने समाधान निकालते हुए मोबाइल एप से हाजिरी लगाने का विकल्प तलाशा। जिस पर सफाई कर्मी भड़क गए। उनका कहना है कि इससे उनकी लोकेशन का पता चलेगा। लिहाजा वह इतना दबाव सहन नहीं कर पाएंगे। उन्होंने इस व्यवस्था को बंद करने की मांग की है। वहीं, प्राधिकरण ने उन्हें काम पर लौटने की चेतावनी दी। ऐसा नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई की भी बात कही गई। 4500 में से 900 सफाई कर्मी वापस लौट आए हैं, लेकिन शहर की सफाई के लिए इतनी संख्या पर्याप्त नहीं है। निवासियों ने बताया कि सेक्टर-71 में तीन दिन से कूड़ा नहीं उठाया गया है। सेक्टर-73 और सेक्टर-27 के निवासियों ने भी इसी तरह की सूचना दी। सेक्टर-23 के लोगों ने बताया कि 8 दिनों से कोई भी सफाई कर्मी नहीं आया। सड़क पर जहां-तहां कूड़ा फैला हुआ है। सेक्टर-22 के एच ब्लॉक में चार दिन से कूड़ा पड़ा है। सेक्टर-51 में भी कूड़े का अंबार लगा है।
डोर टू डोर कूड़ा वाहनों का काम जारी
प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह का कहना है कि डोर टू डोर कूड़ा वाहन अपना काम कर रहे हैं। वह घर-घर से कूड़ा उठा कर ले आ रहे हैं। इसी तरह से मेकेनिकल स्वीपिंग मशीन भी सफाई का काम कर रही हैं।
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सफाई एजेंसी बदलने की तैयारी
नोएडा प्राधिकरण की ओर से सफाई एजेंसी बदलने की तैयारी है। अधिकारियों का कहना है कि अगर मंगलवार तक सफाई कर्मी नहीं लौटे तो दूसरी एजेंसी से काम कराने की योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा। इस पर विचार चल रहा है।
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