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Noida News: सोलह शृंगार किया, लाल-पीले वस्त्र पहन महिलाओं ने रखा वट सावित्री व्रत
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विधि-विधान से वट वृक्ष के सात चक्कर लगाकर धागा बांधा
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। शहर में शनिवार को वट सावित्री व्रत श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। सेक्टरों, गांवों और मंदिरों में महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा-अर्चना कर अपने पति की लंबी उम्र, परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह से ही मंदिर परिसरों और सोसाइटियों में महिलाओं की भीड़ देखने को मिली। महिलाओं ने पारंपरिक परिधान पहनकर पूजा की और विधि-विधान से वट वृक्ष के सात चक्कर लगाकर धागा बांधा।
कुछ महिलाओं ने साथ में बैठकर वट वृक्ष की पूजा की। सेक्टर-117 में रहने वाली अर्चना ने बताया कि उनकी सोसाइटी में रहने वाली महिलाओं ने महिलाओं ने पूजा स्थल को फूलों और रंगोली से सजाया और सामूहिक रूप से वट वृक्ष की पूजा की। एक दिन पहले ही चूढ़ियां खरीदी साथ में मेकअप और 16 शृंगार पहना और लगाया जाता है। सुबह उठकर पूजा की, फिर करीब 11 बजे कथा सुनी इसे सुनने के बाद मीठे पुए बनाए गए। वह बताती हैं कि यह दिन सिर्फ पति का नहीं बल्कि बच्चों के लिए भी खास होता है। उनके लिए भी लंबी उम्र की कामना की जाती है।
वट सावित्री व्रत हमारी आस्था और परिवार के प्रति समर्पण का प्रतीक है। नौ साल से यह व्रत रख रही हूं। -कविशा, सेक्टर-12
भारतीय संस्कृति में वट वृक्ष को दीर्घायु और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। विधि-विधान से पूजा की। -काजल पाठक, सेक्टर-10
वट सावित्री की कथा सुनी तो बहुत अच्छा लगा। नई पीढ़ी को भी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ना चाहिए। -मोनिका गामी, सेक्टर-71
इस बार भी पूजा के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाए। हमने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। -सुनीता शर्मा, सेक्टर-12
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संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। शहर में शनिवार को वट सावित्री व्रत श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। सेक्टरों, गांवों और मंदिरों में महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा-अर्चना कर अपने पति की लंबी उम्र, परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह से ही मंदिर परिसरों और सोसाइटियों में महिलाओं की भीड़ देखने को मिली। महिलाओं ने पारंपरिक परिधान पहनकर पूजा की और विधि-विधान से वट वृक्ष के सात चक्कर लगाकर धागा बांधा।
कुछ महिलाओं ने साथ में बैठकर वट वृक्ष की पूजा की। सेक्टर-117 में रहने वाली अर्चना ने बताया कि उनकी सोसाइटी में रहने वाली महिलाओं ने महिलाओं ने पूजा स्थल को फूलों और रंगोली से सजाया और सामूहिक रूप से वट वृक्ष की पूजा की। एक दिन पहले ही चूढ़ियां खरीदी साथ में मेकअप और 16 शृंगार पहना और लगाया जाता है। सुबह उठकर पूजा की, फिर करीब 11 बजे कथा सुनी इसे सुनने के बाद मीठे पुए बनाए गए। वह बताती हैं कि यह दिन सिर्फ पति का नहीं बल्कि बच्चों के लिए भी खास होता है। उनके लिए भी लंबी उम्र की कामना की जाती है।
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वट सावित्री व्रत हमारी आस्था और परिवार के प्रति समर्पण का प्रतीक है। नौ साल से यह व्रत रख रही हूं। -कविशा, सेक्टर-12
भारतीय संस्कृति में वट वृक्ष को दीर्घायु और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। विधि-विधान से पूजा की। -काजल पाठक, सेक्टर-10
वट सावित्री की कथा सुनी तो बहुत अच्छा लगा। नई पीढ़ी को भी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ना चाहिए। -मोनिका गामी, सेक्टर-71
इस बार भी पूजा के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाए। हमने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। -सुनीता शर्मा, सेक्टर-12