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स्वतंत्रता सेनानी पेंशन योजना के तहत विधवा पुत्री पेंशन की हकदार: हाईकोर्ट
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के एक आदेश को निरस्त करते हुए कहा कि विधवा पुत्री स्वतंत्रता सेनानी पेंशन योजना के तहत पेंशन पाने की हकदार है। केंद्र सरकार ने कहा था कि इस योजना के तहत स्वतंत्रता सेनानी की विधवा या तलाकशुदा बेटी पेंशन पाने की हकदार नहीं है।
न्यायमूर्ति वीके राव ने एक स्वतंत्रता सेनानी की विधवा बेटी की याचिका का निपटारा करते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह आठ सप्ताह में याची को पेंशन प्रदान करने पर विचार करे। अगर वह इस योजना के तहत अन्य शर्तें पूरी करती है। अदालत ने यह आदेश केंद्र सरकार के 12 फरवरी 2020 के आदेश को खारिज करते हुए दिया।
पेश मामले में याची के स्वतंत्रता सेनानी पिता की नवंबर 2019 में मृत्यु हो गई थी। उन्हें पेंशन मिल रही थी। उनकी मृत्यु के बाद उनकी विधवा, दिव्यांग, मानसिक रूप से कमजोर, बेरोजगार और बिस्तर पर पड़ी बेटी पूरी तरह बेसहारा हो गई थी।
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केंद्र सरकार ने फरवरी 2020 में उसे जानकारी दी कि आश्रित पेंशन के लिए उसका आवेदन रद कर दिया गया है। केंद्र ने कहा कि संशोधित नीति के तहत स्वतंत्रता सेनानी की विधवा या तलाकशुदा बेटी इस पेंशन की हकदार नहीं है। - एजेंसी
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न्यायमूर्ति वीके राव ने एक स्वतंत्रता सेनानी की विधवा बेटी की याचिका का निपटारा करते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह आठ सप्ताह में याची को पेंशन प्रदान करने पर विचार करे। अगर वह इस योजना के तहत अन्य शर्तें पूरी करती है। अदालत ने यह आदेश केंद्र सरकार के 12 फरवरी 2020 के आदेश को खारिज करते हुए दिया।
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पेश मामले में याची के स्वतंत्रता सेनानी पिता की नवंबर 2019 में मृत्यु हो गई थी। उन्हें पेंशन मिल रही थी। उनकी मृत्यु के बाद उनकी विधवा, दिव्यांग, मानसिक रूप से कमजोर, बेरोजगार और बिस्तर पर पड़ी बेटी पूरी तरह बेसहारा हो गई थी।
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केंद्र सरकार ने फरवरी 2020 में उसे जानकारी दी कि आश्रित पेंशन के लिए उसका आवेदन रद कर दिया गया है। केंद्र ने कहा कि संशोधित नीति के तहत स्वतंत्रता सेनानी की विधवा या तलाकशुदा बेटी इस पेंशन की हकदार नहीं है। - एजेंसी