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ग्रामीणों ने रोका रेलवे ट्रैक की चारदीवारी का निर्माण, धरने पर बैठे
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दनकौर। क्षेत्र के तीन गांव के ग्रामीणों ने दनकौर रेलवे स्टेशन के पास दिल्ली हावड़ा रेल मार्ग पर चल रहे ट्रैक की चारदीवारी के निर्माण कार्य को रोक दिया। महिलाओं समेत ग्रामीण धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रैक की चारदीवारी बनने से श्मशान जाने का रास्ता बंद हो जाएगा। ग्रामीणों ने चारदीवारी बनाने से पहले श्मशान जाने के लिए ट्रैक के ऊपर से ओवरब्रिज बनाने की मांग की है।
जमालपुर, मंडीश्याम नगर और खेरली गांव का श्मशान घाट एक ही है। यह रेलवे ट्रैक के दूसरी तरफ बना हुआ है। धरना दे रहे ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे ग्रामीण सुनील भाटी ने बताया कि जब से गांव बसे हैं। तभी से ग्रामीण रेलवे ट्रैक व फाटक पार करने के बाद श्मशान घाट तक जाते रहे हैं। रेलवे विभाग ने पहले मंडीश्याम नगर फाटक को बंद करके फ्लाईओवर बना दिया था। जिसके बाद से ग्रामीण शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए स्टेशन के नजदीक से ही पटरी पार करके शमशान तक जाते है। करीब 10 दिन पहले गांव में हुई एक व्यक्ति की मौत के बाद उसके शव को ग्रामीण जब शमशान लेकर जा रहे थे तो ट्रैक पर करीब एक घंटे तक एक मालगाड़ी रुके होने के कारण अंतिम संस्कार के लिए इंतजार करना पड़ा था।
ग्रामीणों ने कहा कि अंतिम संस्कार के लिए जाते वक्त ट्रैक पर जाते हुए हमेशा डर बना रहता है। रेलवे द्वारा दिल्ली हावड़ा रेल मार्ग पर चारदीवारी का निर्माण कार्य किया जा रहा है। चारदीवारी बन जाती है तो उनके श्मशान जाने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाएगा। फिर ग्रामीणों को करीब 5 किमी का सफर तय करने के बाद श्मशान जाना पड़ेगा। इसके विरोध में ग्रामीणों ने एकत्रित होकर निर्माण कार्य को रुकवा दिया है और धरने पर बैठ गए हैं। वहीं शाम तक भी रेलवे विभाग का कोई अधिकारी ग्रामीणों से वार्ता करने नहीं पहुंचा है। इसलिए ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं।
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जमालपुर, मंडीश्याम नगर और खेरली गांव का श्मशान घाट एक ही है। यह रेलवे ट्रैक के दूसरी तरफ बना हुआ है। धरना दे रहे ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे ग्रामीण सुनील भाटी ने बताया कि जब से गांव बसे हैं। तभी से ग्रामीण रेलवे ट्रैक व फाटक पार करने के बाद श्मशान घाट तक जाते रहे हैं। रेलवे विभाग ने पहले मंडीश्याम नगर फाटक को बंद करके फ्लाईओवर बना दिया था। जिसके बाद से ग्रामीण शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए स्टेशन के नजदीक से ही पटरी पार करके शमशान तक जाते है। करीब 10 दिन पहले गांव में हुई एक व्यक्ति की मौत के बाद उसके शव को ग्रामीण जब शमशान लेकर जा रहे थे तो ट्रैक पर करीब एक घंटे तक एक मालगाड़ी रुके होने के कारण अंतिम संस्कार के लिए इंतजार करना पड़ा था।
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ग्रामीणों ने कहा कि अंतिम संस्कार के लिए जाते वक्त ट्रैक पर जाते हुए हमेशा डर बना रहता है। रेलवे द्वारा दिल्ली हावड़ा रेल मार्ग पर चारदीवारी का निर्माण कार्य किया जा रहा है। चारदीवारी बन जाती है तो उनके श्मशान जाने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाएगा। फिर ग्रामीणों को करीब 5 किमी का सफर तय करने के बाद श्मशान जाना पड़ेगा। इसके विरोध में ग्रामीणों ने एकत्रित होकर निर्माण कार्य को रुकवा दिया है और धरने पर बैठ गए हैं। वहीं शाम तक भी रेलवे विभाग का कोई अधिकारी ग्रामीणों से वार्ता करने नहीं पहुंचा है। इसलिए ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं।
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