फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Villagers are facing basic problems

Noida News: (अमर उजाला संवाद) मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे ग्रामीण

Tue, 06 May 2025 06:53 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 06 May 2025 06:53 PM IST
विज्ञापन
Villagers are facing basic problems
फोटो----,
विज्ञापन

-बारात घर न होने से बेटियों की शादी के लिए करने पड़ते हैं महंगे गेस्ट हाउस बुक
-ग्रामीणों ने अमर उजाला संवाद में रखीं समस्याएं
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। शहर के कामबक्शपुर गांव में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। सालों पहले पड़ी सीवर और पाइपलाइन वर्तमान में भी चालू नही हैं। न ही गांव में बारात घर बना है। तीन गांव में एक श्मशान गांव बना होने के कारण लंबी दूरी तय कर श्मशान जाना पड़ता है। वहीं गांव में नालियां चोक रहने के कारण गलियों में गंदा पानी भरा रहता है। यह बात ग्रामीणों ने अमर उजाला संवाद में रखी।

सेक्टर 151ए स्थित कामबक्शपुर गांव में मंगलवार को अमर उजाला संवाद का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों संवाद में गांव की समस्याएं रखीं। उन्होंने बताया कि यहां सबसे बड़ी समस्या कोई बारात घर न होना है। इससे आमतौर पर छोटे मोटे आयोजनों के लिए महंगे गेस्ट हाउस का रुख करना पड़ता है। गांव में सालों पहले नोएडा प्राधिकरण की ओर से पानी और सीवर की पाइपलाइन डाली गई थी, लेकिन वह आज तक चालू नही हो सकी। इससे पानी की किल्लत बनी रहती है। अधिकतर लोग सबमर्सिबल के सहारे हैं। वहीं सीवर की लाइन चालू न होने से अभी भी यहां सोख्ता बनाकर काम चलाना पड़ता है। गांव में कुछ गलियों की सड़के पक्की तो की गईं, लेकिन लेवल का ध्यान नही रखा गया।
विज्ञापन

इसके चलते अधिकतर गलियों में नालियां चोक रहने से गंदा पानी सड़कों पर भरा रहता है। लोगों का निकलता तक दूभर हो जाता है। यह हाल तब है जब भीषण गर्मी पड़ रही है। लेकिन यह समस्या बारिश के समय और बढ़ जाती है। अन्य ग्रामीण ने कहा कि गांव में बना सरकारी स्कूल इंटर तक होना चाहिए, ताकि वर्तमान समय में आने वाले बड़े चैलेंज, उच्च शिक्षा की ओर गांव की बेटियों को बढ़ाया जा सके, उन्हें सक्षम बनाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
कोट
----
गांव में बारात घर नही होने से छोटे मोटे आयोजनों के लिए महंगे गेस्ट हाउस करने पड़ते हैं। इससे जेब पर सीधा असर पड़ता है।
-विनोद नागर
---
गांव में सालों पहले पड़ी पानी और सीवर की पाइपलाइन अभी तक चालू नही हुई, कम से कम पानी की पाइपाइन तो जरूर चालू होनी चाहिए।
-अशोक नागर
---
गांव में बने सरकारी स्कूल में इंटर तक की पढ़ाई होनी चाहिए। खासकर गांव की बेटियों की शिक्षा के लिए यह बहुत जरूरी है। शिक्षा विभाग इस पर ध्यान दें।
-लाला राम
---
गांव में बनी पक्की सड़कों के साथ तैयार नालियों का लेवल सही न होने से और साफ सफाई न होने से अक्सर गंदा पानी भरा रहता है, निकलता तक दूभर रहता है।
-मनीष
---
गांव में साफ सफाई की व्यवस्था खराब है। गांव में कूड़ा गाड़ी हफ्ते में एक बार आती है, लेकिन आती भी है तो गांव के बाहर से ही होकर निकल जाती है।
-संसार नागर
---
तीन गांवों में सिर्फ एक श्मशान है। इससे लंबी दूरी तय करके जाना पड़ता है। गांव में भी एक शमशान बनना चाहिए, ताकि लंबी दूरी न तय करनी पड़े।
-अमित कुमार
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed