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Noida News: भ्रष्टाचार के आरोपों पर स्थायी समिति की बैठक में हंगामा
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भाजपा पार्षद और शाहदरा दक्षिणी जोन के उपायुक्त आमने-सामने आए
आयुक्त अश्वनी कुमार ने उपायुक्त का पक्ष लेते हुए पार्षद को फटकार लगाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी की स्थायी समिति की बैठक बुधवार को भाजपा पार्षद पंकज लूथरा और शाहदरा दक्षिणी जोन के उपायुक्त बादल कुमार भ्रष्टाचार व फोन नहीं उठाने के मामले में आमने-सामने आ गए। इस दौरान उन्होंने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप लगाए। आयुक्त अश्वनी कुमार ने उपायुक्त का पक्ष लेते हुए पार्षद को फटकार लगाई।
बैठक में लूथरा ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र में भवन विभाग के जूनियर इंजीनियर बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण करा रहे हैं और वैध नक्शा पास कराने वाले लोगों को परेशान करते हैं। उन्होंने कहा कि जेई खुलेआम रिश्वत की मांग करते हैं और दावा करते हैं कि यह पैसा उपायुक्त तक पहुंचता है। लूथरा ने उपायुक्त पर फोन कॉल न उठाने का भी आरोप लगाया। इस बीच उपायुक्त बादल कुमार ने कहा कि 11 अगस्त के बाद से उन्हें लूथरा का कोई फोन नहीं आया है और यह तथ्य फोन रिकॉर्ड से साबित किया जा सकता है। उन्होंने स्वयं को पाक साफ करार देते हुए पार्षद पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भवन निर्माण मामलों में पार्षद की हिस्सेदारी हो सकती है और वे अधिकारियों पर बेबुनियाद आरोप लगाकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
मामला गरमाने पर आयुक्त अश्वनी कुमार ने दखल दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों पर आरोप लगाए जाएंगे तो उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा। उन्होंने कड़े लहजे में चेतावनी दी कि ब्लैकमेलिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयुक्त ने लूथरा को नसीहत देते हुए कहा कि एजेंटों पर चर्चा करने के बजाय उन्हें बुनियादी मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
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इसके बाद भाजपा पार्षद शिखा भारद्वाज ने मकान नियमित नहीं करने का मामला उठाते हुए आयुक्त को घेरा। उन्होंने आयुक्त से पूछा कि एक पार्षद के रिश्तेदारों ने स्वीकृत नक्शे से अधिक निर्माण कर लिया था लेकिन एमसीडी की आपत्ति के कारण उन्होंने अवैध निर्माण तोड़ दिया है। इसके बावजूद मकान को नियमित नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आयुक्त से पूछा कि आखिर मकान कैसे नियमित होगा। इस मुद्दे पर आयुक्त स्पष्ट तौर पर जवाब नहीं दे पाए।
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आयुक्त अश्वनी कुमार ने उपायुक्त का पक्ष लेते हुए पार्षद को फटकार लगाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी की स्थायी समिति की बैठक बुधवार को भाजपा पार्षद पंकज लूथरा और शाहदरा दक्षिणी जोन के उपायुक्त बादल कुमार भ्रष्टाचार व फोन नहीं उठाने के मामले में आमने-सामने आ गए। इस दौरान उन्होंने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप लगाए। आयुक्त अश्वनी कुमार ने उपायुक्त का पक्ष लेते हुए पार्षद को फटकार लगाई।
बैठक में लूथरा ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र में भवन विभाग के जूनियर इंजीनियर बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण करा रहे हैं और वैध नक्शा पास कराने वाले लोगों को परेशान करते हैं। उन्होंने कहा कि जेई खुलेआम रिश्वत की मांग करते हैं और दावा करते हैं कि यह पैसा उपायुक्त तक पहुंचता है। लूथरा ने उपायुक्त पर फोन कॉल न उठाने का भी आरोप लगाया। इस बीच उपायुक्त बादल कुमार ने कहा कि 11 अगस्त के बाद से उन्हें लूथरा का कोई फोन नहीं आया है और यह तथ्य फोन रिकॉर्ड से साबित किया जा सकता है। उन्होंने स्वयं को पाक साफ करार देते हुए पार्षद पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भवन निर्माण मामलों में पार्षद की हिस्सेदारी हो सकती है और वे अधिकारियों पर बेबुनियाद आरोप लगाकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
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मामला गरमाने पर आयुक्त अश्वनी कुमार ने दखल दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों पर आरोप लगाए जाएंगे तो उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा। उन्होंने कड़े लहजे में चेतावनी दी कि ब्लैकमेलिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयुक्त ने लूथरा को नसीहत देते हुए कहा कि एजेंटों पर चर्चा करने के बजाय उन्हें बुनियादी मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
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इसके बाद भाजपा पार्षद शिखा भारद्वाज ने मकान नियमित नहीं करने का मामला उठाते हुए आयुक्त को घेरा। उन्होंने आयुक्त से पूछा कि एक पार्षद के रिश्तेदारों ने स्वीकृत नक्शे से अधिक निर्माण कर लिया था लेकिन एमसीडी की आपत्ति के कारण उन्होंने अवैध निर्माण तोड़ दिया है। इसके बावजूद मकान को नियमित नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आयुक्त से पूछा कि आखिर मकान कैसे नियमित होगा। इस मुद्दे पर आयुक्त स्पष्ट तौर पर जवाब नहीं दे पाए।