फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   UP Sangeet Natak Akademi Award for Ragini singer Brahmapal Nagar

रागनी गायक ब्रह्मपाल नागर को उप्र संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार

Fri, 19 Feb 2021 01:20 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 19 Feb 2021 01:20 AM IST
विज्ञापन
UP Sangeet Natak Akademi Award for Ragini singer Brahmapal Nagar
रागनी गायक ब्रह्मपाल नागर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक मंत्रालय की तरफ से बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कारों की घोषणा की गई। इसमें मूलरूप से नोएडा के बरौला गांव निवासी ब्रह्मपाल नागर को रागनी की विरासत को संजोने और बढ़ाने पर शामिल किया गया है। अब प्रदेश सरकार से सम्मान दिए जाने का पत्र आएगा, जिसमें जगह और तिथि होगी तब उन्हें यह पुरस्कार दिया जाएगा।
विज्ञापन

ब्रह्मपाल ग्रेटर नोएडा स्थित मित्रा सोसाइटी में रहते हैं। कई प्रदेशों में ब्रह्मपाल नागर की लिखी रागनी को गाया व सुना जाता है। ब्रह्मपाल ने देश के अलग-अलग हिस्सों में गायकी से लोगों को लुभाया है। इतना ही उन्होंने इटली, फ्रांस, रूस, जर्मनी, आस्ट्रिया, पोलैंड, हंगरी समेत करीब 24 देशों में रागनी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया है। ब्रह्मपाल ने बताया कि मामा के घर गाजियाबाद के टीला गांव से रागनी का सफर शुरू किया था। इनके गुरु सेवाराम ने अंतरात्मा में रागनी को उतारकर एक कलाकार के रूप में स्थापित किया है। ब्रह्मपाल ने बीए की शिक्षा मेरठ विश्वविद्यालय से की है। इसके अलावा बीएड संपूर्णानंद संस्कृत विवि से की है।
विज्ञापन

दो हजार से ज्यादा रागनी को लिखा व गाया
नागर ने 40 साल के सफर में दो हजार से अधिक रागनी को लिखकर गाया है। इसमें क्षेत्रीय के अलावा समाज के मौजूदा हालात पर आधारित रागनी शामिल हैं। जिसे गांव, देश व प्रदेश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी श्रोताओं ने काफी सराहा है। नागर ने लोक कथाओं, धार्मिक व सामाजिक सरोकारों पर रागनी से छाप छोड़ी है। उन्होंने नॉलेज पार्क में भारत पटेल लोक सांस्कृतिक संस्थान की स्थापना की है। इसमें रागनी, भजन व शास्त्रीय संगीत की शिक्षा दी जाती है। यहां से कई युवा तालीम लेकर संगीत के क्षेत्र में नाम कमा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

गुर्जरी नृत्य को बढ़ावा देने में जुटे
ब्रह्मपाल इस समय विलुप्त हो रही गुर्जरी नृत्य को बढ़ावा दे रहे हैं। नृत्य की विधाओं पर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। अपने संस्थान के जरिये ऐसे कलाकारों को जोड़कर प्रस्तुतियां दे रहे हैं। इससे नए कलाकारों को भी मौका मिल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed