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UP: सरकारी स्कूलों के 40% छात्रों को घटाना तक नहीं आता... 37 प्रतिशत न कर पाते भाग; इस रिपोर्ट से बड़ा खुलासा
Tue, 24 Sep 2024 03:04 PM IST
शाहरुख खान
अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 24 Sep 2024 03:04 PM IST
सार
सरकारी स्कूलों के 40 फीसदी छात्रों को घटाना नहीं आता है। जबकि 37 प्रतिशत छात्र भाग नहीं कर पाते हैं। 14.7 प्रतिशत छात्र दूसरे स्तर के वाक्यों को पढ़ना तक नहीं जानते हैं। जिलेवार विश्लेषण रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को गुणा, भाग,जोड़ और घटाना जैसी मूलभूत गणितीय जानकारी भी नहीं है। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता का अंदाजा लगाया जा सकता है। असर (एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट) 2022 की जिलावार रिपोर्ट में ये चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।
जनवरी में जारी रिपोर्ट का जिलेवार विश्लेषण संस्था ने शिक्षा विभाग के साथ हाल ही में साझा किया है। उत्तर प्रदेश के शो विंडो कहे जाने वाले गौतमबुद्ध नगर के सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 8 में पढ़ने वाले 37 प्रतिशत छात्रों को भाग करना नहीं आता है।
वहीं, 14.7 प्रतिशत छात्र दूसरे स्तर के वाक्यों को पढ़ना तक नहीं जानते हैं। यह हाल प्रदेश के सबसे अधिक हाईटेक कहे जाने वाले जनपद का है। जहां पर पूरे प्रदेश की नजर रहती है। वहां की शिक्षा की गुणवत्ता पर लगातार सवाल खड़े हो रहे है। वहीं कक्षा तीन से पांच में पढ़ने वाले करीब 40 प्रतिशत छात्रों को घटाना तक नहीं आता है।
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पिछले तीन साल से भारत सरकार की ओर से निपुण भारत अभियान चलाया जा रहा है। उसका भी कोई असर जिले में नहीं दिखाई दे रहा है। निपुण भारत अभियान के तहत कक्षा एक और दो के छात्रों को भाषा और गणित में परिपक्व बनाया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर यह अभियान फेल साबित हो रहा है।
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जनवरी में जारी रिपोर्ट का जिलेवार विश्लेषण संस्था ने शिक्षा विभाग के साथ हाल ही में साझा किया है। उत्तर प्रदेश के शो विंडो कहे जाने वाले गौतमबुद्ध नगर के सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 8 में पढ़ने वाले 37 प्रतिशत छात्रों को भाग करना नहीं आता है।
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वहीं, 14.7 प्रतिशत छात्र दूसरे स्तर के वाक्यों को पढ़ना तक नहीं जानते हैं। यह हाल प्रदेश के सबसे अधिक हाईटेक कहे जाने वाले जनपद का है। जहां पर पूरे प्रदेश की नजर रहती है। वहां की शिक्षा की गुणवत्ता पर लगातार सवाल खड़े हो रहे है। वहीं कक्षा तीन से पांच में पढ़ने वाले करीब 40 प्रतिशत छात्रों को घटाना तक नहीं आता है।
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पिछले तीन साल से भारत सरकार की ओर से निपुण भारत अभियान चलाया जा रहा है। उसका भी कोई असर जिले में नहीं दिखाई दे रहा है। निपुण भारत अभियान के तहत कक्षा एक और दो के छात्रों को भाषा और गणित में परिपक्व बनाया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर यह अभियान फेल साबित हो रहा है।
हर साल शिक्षकों की ट्रेनिंग पर लाखों रुपये शासन की ओर से खर्च किए जा रहे हैं। उसके बाद भी परिणाम पूरे अभियान को पोल खोल रहे हैं।
23 प्रतिशत छात्र ही सरकारी स्कूलों में कर रहे पढ़ाई
गौतमबुद्ध नगर के 6 से 14 आयु के 23.3 प्रतिशत छात्रों के अभिभावकों को ही सरकारी स्कूलों की शिक्षा की गुणवत्ता पर भरोसा है। जबकि 76.7 प्रतिशत अभिभावकों को सरकारी स्कूलों पर विश्वास नहीं है।
गौतमबुद्ध नगर के 6 से 14 आयु के 23.3 प्रतिशत छात्रों के अभिभावकों को ही सरकारी स्कूलों की शिक्षा की गुणवत्ता पर भरोसा है। जबकि 76.7 प्रतिशत अभिभावकों को सरकारी स्कूलों पर विश्वास नहीं है।
वह अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाई के लिए भेजते है। वहीं 1.9 प्रतिशत छात्र स्कूलों में ही नहीं जाते है। बेसिक शिक्षा परिषद की और से शारदा अभियान के तहत ड्रॉप आउट छात्रों को स्कूलों से जोड़ा जा रहा है,लेकिन जनपद में यह अभियान फाइलों में चल रहा है। जमीनी स्तर पर अभियान को गति नहीं मिल पा रही है।
30 ग्राम सभाओं में किया गया था सर्वे
असर का सर्वे जिले की 30 ग्राम सभाओं में किया गया है। जानकारी के मुताबिक ग्राम सभाओं में पढ़ने वाले हर पांचवें घर में सर्वे किया गया था। सर्वे में कई सवालों के जवाब लिए गए थे। हर दूसरे साल में यह सर्वे होता है। अब 26 और 27 अक्तूबर को 2024 के लिए सर्वे होगा। करीब एक साल तक चलने वाले सर्वे के बाद यह जानकारी साझा की जाती है।
असर का सर्वे जिले की 30 ग्राम सभाओं में किया गया है। जानकारी के मुताबिक ग्राम सभाओं में पढ़ने वाले हर पांचवें घर में सर्वे किया गया था। सर्वे में कई सवालों के जवाब लिए गए थे। हर दूसरे साल में यह सर्वे होता है। अब 26 और 27 अक्तूबर को 2024 के लिए सर्वे होगा। करीब एक साल तक चलने वाले सर्वे के बाद यह जानकारी साझा की जाती है।
मेरठ मंडल के जिलों के छात्रों की स्थिति
नोट : हापुड़ सर्वे में शामिल नहीं हुआ था। यह आंकडा प्रतिशत में है।
| जिले | घटाना नहीं कर पाते | भाग नहीं कर पाते |
| मेरठ | 49 | 37 |
| गाजियाबाद | 43 | 51 |
| गौतमबुद्ध नगर | 40 | 37 |
| बुलंदशहर | 54 | 50 |
| बागपत | 53 | 55 |