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Noida News: बेमौसम बारिश से धान, गन्ने व सब्जियों की खराब हो रही फसल

Sat, 01 Nov 2025 12:23 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा Updated Sat, 01 Nov 2025 12:23 AM IST
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Unseasonal rains are ruining crops of paddy, sugarcane and vegetables
 परसपुर के बरवन पुरवा में भीगी धान की फसल को लाठी पर बांधकर ले जाते हुए किसान। -संवाद
गोंडा। जिले में बुधवार देर रात से शुरू हुई बेमौसम बारिश शुक्रवार को भी रुक-रुककर होती रही। ऐसे में खेत जलमग्न हो गए हैं। धान की फसल जहां सड़ने लगी है, वहीं गन्ने की फसल भी पानी में गिरकर जमींदोज हो रही है। सब्जी की फसल भी खराब हो रही है। धान की फसल खराब होने से करीब चार लाख किसान परेशान हैं। इनमें से सिर्फ 36 हजार किसानों ने ही फसल बीमा कराया था। ऐसे में बाकी किसानों के मुआवजे को लेकर संशय बरकरार है।
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जिले में बुधवार देर रात से बेमौसम बारिश हो रही है। बृहस्पतिवार को भी पूरे दिन बारिश होती रही। शुक्रवार को भी रुक-रुककर बरसात हुई। ऐसे में काटकर खेतों में रखे गए धान के ढेर सड़ने लगे हैं। खड़ी फसल गिरने लगी है। पानी भरने से खेतों में गन्ना गिर गया है, उसकी जड़ें गलने लगी हैं। फसल बचाने के लिए किसान हर जतन कर रहे हैं। परसपुर के बरवन पुरवा निवासी नागेश्वर धान की भीगी फसल के बोझ को लाठी में बांधकर कंधे पर उठाए चले जा रहे थे। बताया कि थोड़ी-थोड़ी फसल घर के बरामदे में रखकर सुखाएंगे। प्रभादेवी भीगी फसल से धान निकालने की कोशिश करती नजर आईं। दुर्जनपुर के किसान गोरखनाथ पाल ने कहा कि पूरी मेहनत बर्बाद हो गई।
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सब्जी की खेती भी बेमौसम बारिश से प्रभावित हुई है। पालक, टमाटर, मिर्च, बैंगन, गोभी व लौकी की फसलें खेतों में सड़ने लगी हैं। कई जगह पौधे पानी में डूबने से पूरी फसल खराब हो गई है। सब्जियों की आपूर्ति प्रभावित होने से स्थानीय मंडियों में दाम बढ़ने की संभावना बढ़ गई है। इटियाथोक के किसान रमेश कुमार ने बताया कि बारिश से सब्जी की खेती पूरी तरह खराब हो गई। बीज, खाद और मजदूरी पर जो खर्च हुआ, सब डूब गया।
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रबी की बोआई पर भी संकट के बादल

गोंडा/पसका/दुर्जनपुरघाट/इटियाथोक। जिले में बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम की बेरुखी से रबी की फसलों चना, मसूर, सरसों और आलू की बोआई में भी विलंब की संभावना जताई जा रही है। किसान अब मौसम खुलने का इंतजार कर रहे हैं ताकि बोआई शुरू की जा सके।

पसका के बरवन पुरवा निवासी प्रभा ने बताया कि उनका बेटा खेत से धान लेकर आता है और उसे पीटकर अलग करता है। प्रभा ने कहा कि अगर धान को पुआल से अलग नहीं किया गया तो वह सड़ने लगेगा और खेत में ही अंकुरित हो जाएगा।

प्योली के पूरे बिलंद निवासी गणेश सिंह ने बताया कि उनकी धान की फसल खेत में कटी पड़ी है। जो फसल अभी काटनी थी, वह लगातार बारिश से गिर गई है। आटा के भोंदूपुरवा निवासी अजीत सिंह ने बताया कि उनके धान के खेत में पानी भर गया है। इस समय गेहूं की बोआई की तैयारी के बीच मौसम की मार ने चिंता बढ़ा दी है।

दुर्जनपुर घाट के किसान ध्रुव कुमार मिश्र ने बताया कि तेज हवा और बारिश से उनके खेतों में खड़ा गन्ना गिर गया है। इससे उसकी बढ़वार और मोटाई प्रभावित होगी। इसके अलावा, गिरे हुए गन्ने में चूहों का प्रकोप बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है। ग्रामसभा गौहानी मजरा छिटन चौराहा निवासी सुरेश मिश्र ने बताया कि उनकी तीन एकड़ गन्ने की फसल बारिश और हवा से गिरकर बर्बाद हो रही है। इटियाथोक के पांडेय पुरवा निवासी ननकू खान ने बताया कि बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है।



नुकसान का कराया जा रहा आकलन
जिले में जहां भी धान की फसल काटकर खेत में रखी गई थी, उसे बारिश से अधिक नुकसान होने की संभावना है। 10 दिन के भीतर बोई गई दलहन व तिलहन की फसलों को भी नुकसान होगा। राजस्व टीम की ओर से सर्वे किया जा रहा है। 36,000 किसानों ने फसल बीमा कराया है, बीमा कंपनी सर्वे कराकर उन्हें क्षतिपूर्ति का लाभ देगी। अन्य किसानों को शासन स्तर से मुआवजा देने का प्रावधान है।
-- सीपी सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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